जानिए, सिख दंगों के आरोपियों को बचाने में किसका था हाथ..

0

दिल्ली। 1984 के सिख दंगों का इंसाफ सिखों को दिलवाने में असमर्थ रही है। आम आदमी पार्टी ( आप ) ने 1984 के सिख दंगों को दिल्ली के इतिहास का काला अध्याय बताया है। पार्टी ने भाजपा को निशाना साधते हुए कहा है कि कि कांग्रेस राज में इसे अंजाम देने के बाद भाजपा सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

आप ने जताई उम्मीद–  आप ने उम्मीद जताई है कि दंगा पीड़तों को अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ मिलने की उम्मीद है। पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुये आप के राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस – भाजपा के विपरीत आप पीड़ितों को हकीकत में इंसाफ दिलाना चाहती है। यही वजह रही कि 49 दिन की दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का प्रस्ताव उपराज्यपाल का भेजा था। संजय सिंह का कहना है कि इसी बीच सरकार चली गयी। लेकिन इसके बाद तत्कालीन कांग्रेस व उसके बाद केंद्र की भाजपा सरकार के समय मे एसआईटी पर कोई प्रगति नहीं हुई। लेकिन दिल्ली विधान सभा चुनाव से पहले नवम्बर 2014 में केंद्र सरकार ने एसआईटी के गठन की जरूरत का पता लगाने के लिये एक कमेटी का गठन कर दिया।

 

loading...
शेयर करें