‘आप’ के कार्यालय पर कुमार विश्वास के समर्थको ने किया कब्जा, केजरीवाल से कर रहे ये बड़ी मांग

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नई दिल्ली। जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं आम आदमी पार्टी में कलह बढ़ती ही जा रही है। पार्टी के संस्थापकों में से एक कुमार विश्वास पहले ही राज्यसभा जाने की इच्छा जता चुके हैं। और अब इसी बात को लेकर विश्वास समर्थकों ने पार्टी कार्यालय पर जमकर हंगामा काटा। यहां तक कि उन्होंने आधे कार्यालय पर कब्जा भी कर लिया। मामला इस हद तक बढ़ गया कि आखिर में कुमार विश्वास के कहने पर ही उनके समर्थक वहां से हटे। हालांकि पार्टी ने इसे बीजेपी की साजिश बताते हुए बीजेपी प्रायोजित हमला बताया है।

गुरुवार को वो लोग सुबह करीब 10 बजे पार्टी कार्यालय पहुंचे

पार्टी के मीडिया मैनेजर विकास योगी के अनुसार विश्वास समर्थक पहले बुधवार रात को सिर्फ एक ट्रक में सामान लेकर आये थे। उस वक्त उनमें पार्टी का एक भी कार्यकर्त्ता नहीं था इसलिये सुरक्षाकर्मियो ने उन्हे अन्दर ही नही घुसने दिया। जिसके बाद फिर से गुरुवार को वो लोग सुबह करीब 10 बजे पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस बार उनके साथ कुछ आप पार्टी के सदस्य भी थे। जबकि बाकी लोग पार्टी से संबंधित नहीं थे। पार्टी कार्यालय पर हुआ यह हमला बीजेपी की साजिश का नतीजा है।

विश्वास समर्थकों ने बयां की कुछ अलग ही कहानी

विश्वास समर्थकों कहना है कि पार्टी स्वराज या ताकतों के विकेन्द्रीकरण के आधार पर बनी थी। लेकिन अब पार्टी से संबंधित सारे फैसले केवल अरविन्द केजरीवाल अकेले ही लेते हैं। पार्टी के संयोजक रहे चुके अविनाश त्रिपाठी ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा ‘हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि राज्‍यसभा में नामांकन के लिए पार्टी बाहरी लोगों को क्‍यों ढूंढ़ रही है। वे कुमार विश्‍वास और संजय सिंह जैसे पार्टी नेताओं को इसके लिए नामांकित क्‍यों नहीं करते हैं? सारे फैसले लेने का अधिकार अब केवल कुछ ही लोगों के पास सिमट कर रह गया है।

पार्टी का एक धड़ा विश्वास को राज्यसभा भेजने के पक्ष में नहीं है

आपको बताते चले कि पार्टी का एक धड़ा विश्वास को राज्यसभा भेजने के पक्ष में नहीं है। पार्टीदफ्तर में लोगों के घुसने को लेकर आप ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करायी जिसके चलते दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। आखिर में कुमार विश्वास की अपील के बाद ही उनके समर्थकों ने पार्टी कार्यालय खाली किया। यह पूरा मामला सुबह 10 बजे से लेकर शाम करीब सात बजकर पैतालीस मिनट तक चला।

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