लालू ने अदालत से किया निवेदन, चारा घोटाले में सजा सुनाने में बरते नरमी

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रांची| चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिए गए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत से सजा सुनाए जाने को लेकर नरमी बरतने का आग्रह किया। उन्हें विशेष अदालत ने 23 दिसम्बर को चारा घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराया था।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य दोषियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीबाआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह के समक्ष पेश किया गया।

लालू प्रसाद के वकील चितरंजन कुमार ने पत्रकारों से कहा कि हम लालू प्रसाद के लिए न्यूनतम सजा की मांग कर रहे हैं। हमने लालू प्रसाद के खराब स्वास्थ्य के कारण अदालत से नरमी बरतने का आग्रह किया है। उनके ‘हर्ट वाल्व’ को बदला गया है। वह कई बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें कई दवाईयां दी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमने अदालत से कहा कि लालू प्रसाद के खिलाफ कोई भी सीधा सबूत नहीं है। इस मामले में वह एक वर्ष तक जेल में रह चुके हैं। वह 20 वर्षों से इस मामले का सामना कर रहे हैं और उन्होंने कभी भी अदालत की अवज्ञा नहीं की।

अदालत ने गुरुवार को पांच दोषियों की सजा पर दलीलें सुनीं। शुक्रवार को लालू समेत पांच अन्य दोषियों की सजा पर दलीलें रखी गईं। बाकी छह दोषियों की सजा पर शनिवार को बहस होगी। उसके बाद सीबीआई अपना पक्ष रखेगी। अदालत शनिवार को सजा पर फैसला सुना सकती है या इसके लिए कोई अन्य तिथि तय कर सकती है।

वकीलों के अनुसार, लालू प्रसाद को तीन से सात वर्षो की सजा सुनाई जा सकती है। अगर उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई जाती है, तो उन्हें तत्काल जमानत मिल सकती है। लालू इस वक्त रांची की बिरसा मुंडा जेल में हैं।

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