लांच हुआ इसरो का 100वां उपग्रह, पाकिस्तान में मची खलबली

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श्रीहरिकोटा। आजादी के बाद से भारत लगातार विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र मे अपने कदम आगे की ओर बढ़ाता जा रहा है। इसी कड़ी में भारत की एक औऱ उपलब्धि शामिल हो गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) ने आज अंतरिक्ष में अपने द्वारा भेजे गए उपग्रहों का सैकड़ा पूरा कर लिया है। इसरो द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए इस उपग्रह से भारत को अनुसंधान एवं विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। इसरो ने आज सुबह 9.28 पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से पीएसएलवी-सी40 राकेट के द्वारा 31 उपग्रह लांच किए, जिसमें कि 3 भारत के व बाकी 28 अन्य 6 देशों के उपग्रह शामिल हैं। अन्य देशों में 19 अमेरिका के, पांच दक्षिण कोरिया के और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के उपग्रह शामिल हैं।

लांच हुआ उपग्रह कार्टोसैट-2(आई ऑन द स्काई)

इसको ने लांच किए गए इस उपग्रह का नाम कार्टोसैट-2 आई ऑन द स्काई रखा है। इसरो ने अपने द्वारा लांच किए जा रहे इस उपग्रह की जानकारी गुरुवार को ही दे दी थी। इसरो की वेबसाइट के अनुसार “पीएसएलवी-सी 440 के चौथे चरण के प्रणोदक को भरने का काम चल रहा है।” चौथे चरण के पीएसएलवी-सी-40 की ऊंचाई 44.4 मीटर और वजन 320 टन होगा। पीएसएलवी के साथ 1332 किलो वजनी 31 उपग्रह एकीकृत किए गए हैं, ताकि उन्हें प्रेक्षपण के बाद पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में तैनात किया जा सके।

इसरो के अनुसार कार्टोसैट सीरीज मिशन का ये प्राथमिक उपग्रह 710 किलोग्राम का है। इसके द्वारा अंतरिक्ष से पृथ्वी का अवलोकन किया जा सकेगा। इसके साथ सह यात्री उपग्रह भी है, जिसमें 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल है।

पीएसएलवी-सी 40 बनी साल 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना

पीएसएलवी-सी 40 साल 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है। सैटेलाइट केन्द्र निदेशक एम. अन्नादुरई ने बताया कि पिछले साल 31 अगस्त को इसी तरह के राकेट से नौवहन उपग्रह आई.आर.एन.एस.एस.1-एच लांच किया गया था, लेकिन हीट शील्ड न खुलने की वजह से सैटेलाइट राकेट के चौथे चरण में असफल हो गया था। अन्नादुरई ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि इस बार लांच किया गया उपग्रह सफलतापूर्वक लांच होने में कामयाब रहा है।

भारत में लांच हुआ उपग्रह, पाकिस्तान में मची खलबली

भारत की इस उपलब्धि से पाकिस्तान में खलबली मच गई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत जिन उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रहा है, उससे वह दोहरी नीति अपना रहा है। इन उपग्रहों का इस्तेमाल नागरिक और सैन्य उद्देश्य में किया जा सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि इनका इस्तेमाल सैन्य क्षमताओं के लिए ना किया जाए, अगर ऐसा होता है कि इसका क्षेत्र पर गलत प्रभाव पड़ेगा।

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