मकर संक्रांति विशेष : 17 सालों बाद बना ऐसा दुर्लभ योग, व्यापारियों का होगा लाभ

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नई दिल्ली। 14 जनवरी को मकर संक्रांति इस बार आपके लिए संडे का गुडलक लेकर आ रही है। रविवार को सूर्य देव का दिन माना जाता है। इस मकर संक्रांति को सूर्य देवगुरु वृहस्पति की धनु राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की मकर राशि में प्रवेश करने वाले हैं। ये दुर्लभ योग करीब 17 सालों बाद बन रहा है। व्यापारियों के लिए यह लाभदायक होगा। सूर्य का ये परिवर्तन आपके जीवन में सुख, समृद्दि व शक्ति को बढ़ावा देगा। इस अवसर पर शुभ मुहूर्त में सही तरीके से पूजा करने पर आप विशेष लाभ के अधिकारी बन सकते हैं।

2018 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर होगा। पुराणों के अनुसार संक्रांति से 15 घंटे पहले और बाद तक का समय पुण्यकाल होता है। इस बार यह अवधि 14 तारीख को प्रारंभ होगी, इसीलिए मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इसका पुण्यकाल सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होगा, जोकि बहुत ही शुभ संयोग है। हालाकि 15 जनवरी को मकर राशि में सूर्योदय होने के कारण करीब ढ़ाई घंटे तक संक्रांति के पुण्यकाल का दान पुण्य किया जा सकेगा। इसी के चलते संक्रांति का स्नान 14 और 15 जनवरी के दोनों दिन किया जा सकेगा।

जानिए विशेष पूजन विधि

इस संक्रांति पर पूर्वमुखी होकर सूर्यदेव का विधिवत पूजन करें। तांबे के दिये में तिल के तेल का दीप जलाएं। इसके साथ-साथ रोली, अशोक के पत्ते व लाल फूल चढ़ाएं। जल भरे ताम्र कलश में काले तिल, गुड, उड़द, शहद व सिंदूर मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। किसी माला से “ह्रीं रवये कालाय नमः” इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें।

राजसी है ये मकर संक्रांति

रविवार दी॰ 14.01.18 को मकर संक्रांति पुण्यकाल मुहूर्त दिन 14:00 से शाम 17:41 तक रहेगा। संक्रांति पल दिन 14:00 पर होगा। महापुण्य काल मुहूर्त दिन 14:00 से दिन 14:24 तक रहेगा। इस मकर संक्रांति का नाम राजसी है। शास्त्रनुसार मकर संक्रांति पर दिए गए दान से सहस्त्र गुणा फल मिलता है। इस दिन सूर्य के विशेष पूजन उपाय व दान से, कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलती है, पारिवारिक संबंध सुदृढ़ होते हैं, आमदनी में बढ़ोत्तरी होती है।

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