लालू ने जज से कहा- साहब ! अगर रिहा हो जाता तो संक्रांति पर दही-चूड़ा खाता, उधर से मिला ये जवाब

0

पटना| चारा घोटाले में सजा पाने के बाद रांची जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के पटना स्थित आवास पर मकर संक्रांति के मौके पर इस वर्ष ‘चूड़ा-दही भोज’ का आयोजन नहीं होगा। राजद के एक नेता ने बुधवार को बताया कि इस वर्ष 10 सकरुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर प्रत्येक वर्ष की तरह मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित होने वाला ‘चूड़ा-दही भोज’ का आयोजन नहीं किया जाएगा।

जेल में बंद लालू इस भोज को लगता है शिद्दत से याद कर रहे हैं और उन्होंने जज शिवपाल सिंह से भी अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने पेशी के दौरान जज से कहा कि अगर वह रिहा हो जाते तो दही-चूड़ा संक्राति पर खाते। इसके जवाब में हाजिरवजवाबी के लिए मशहूर हो चुके जस्टिस सिंह ने कहा कि वह जेल में ही लालू यादव के लिए दही-चूड़े का इंतजाम कर देंगे।

राजद के विधायक भोला यादव ने कहा कि इस वर्ष राजद के कार्यकर्ता मकर संक्रांति का पर्व नहीं मनाएंगे। उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति के अवसर पर प्रत्येक वर्ष राजद अध्यक्ष की ओर से अपने आवास पर 14 और 15 जनवरी को दो दिन चूड़ा-दही-तिलकुट का भोज दिया जाता रहा है। लालू के आवास पर चूड़ा-दही भोज चर्चित रहा है। इस भोज के लिए एक पखवारे पूर्व से तैयारी प्रारंभ हो जाती थी।

14 जनवरी को जहां सभी लोगों को आमंत्रित किया जाता था, वहीं दूसरे दिन सिर्फ अल्पसंख्यक समाज के लोगों के लिए ही चूड़ा-दही भोज होता था। इस भोज में सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के सभी दल के नेता और कार्यकर्ता पहुंचते थे। इस बार मकर संक्रांति नहीं मनाए जाने के पीछे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के जेल में रहने तथा उनकी बहन गंगोत्री देवी का निधन माना जा रहा है।

loading...
शेयर करें