लौट के आएगा मैलोडी का दौर

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गोरखपुर– कुछ सुनहरी यादों को ताजा करते हुए गोरखपुर में 90 के दशक का जश्न मनाया गया, वह भी उस दौर की मशहूर गायन जोड़ी के साथ! सुपरहिट गाने ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘मोहब्बतें, ‘कुछ- कुछ होता है’, ‘फना’ यह कुछ मूवीज के नाम हैं, जिन्होंने बॉलीवुड में जान डाली है। बॉलीवुड के ऑल टाइम हिट्स देने वाली जोड़ी जतिन – ललित के गाने आज भी लोगो की ज़ुबान पर है। आज भी वो वैसे मशहूर हैं जैसे 90 के डेकेट में थी।

गोरखपुर महोत्सव में लोगों इस रॉकिंग जोड़ी से रुबरु होने का मौका मिला। बता दें कि शनिवार को मेगा सांग कंपोजर जोड़ी के ललित पंडित भी गोरखपुर में महोत्सव का हिस्सा बनने के यहां लिए पहुंचे थे।

90 का दशक म्यूजिक इंडस्ट्री का सुनहरा दौर

बातचीत के दौरान ललित पंडित ने कहा कि 90 का दशक म्यूजिक के लिहाज से सुनहरा दौर था। बोल अच्छे होते थे, बंदिशें अच्छी बनती थी और इसमें भी बेहतरीन सिंगर का साथ मिल जाए, तो सांग धड़कता हुआ हो जाता और लोगों के दिलों में बस जाता। ऐसे गीत हमेशा याद रहते हैं, जेहन में गूंजते रहते हैं। उनकी मिठास सालों तक बनी रहती है। 90 के दौर की यादें हमेशा जिंदा रहेंगी।

शोर- शराबे वाले संगीत से थक जाएंगे लोग

म्यूजिकल ब्लॉक बस्टर फिल्मों कासंगीत देने वाले ललित ने कहा कि बॉलीवुड में जो नया म्यूजिकल दौर शुरू हुआ है, उसकी भी एक हद है। बॉलीवुड में शोर- शराबे की पार्टी भले ही अभी शुरू हुई हो, यह ज्यादा समय तक नहीं चलने वाली। लोग जिस तरह से शोर- शराबे से जल्द ही थक – हार जाते हैं, ठीक इसी तरह के शोर- शराबे वाले संगीत से भी थक जाएंगे। अभी भले ही मस्ती और एंटरटेनमेंट के लिए लोगों को यह पसंद आ रहे हैं, कुछ समय बाद लोग इससे खुद ब खुद किनारा कर लेंगे।

क्या वापस आएगा मेलोडी का दौर

उन्होंने कहा कि हर दौर के म्यूजिक में मेलोडी होती है। इसका दौर कभी खत्म नहीं होता। तमाम शोर- शराबे और खराब संगीत के बीच आपको अच्छा संगीत सुनने को मिल ही जाता है। संगीत अच्छा होगा तो बरबस ही आप उसे पसंद करने लगेंगे। वैसे भी अच्छे- बुरे का दौर हमेशा रहा है और आगे भी रहेगा। इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। संगीत में मेलोडी का दौर जल्द ही फिर लौटेगा, अपनी उसी ताजगी के साथ सुकून – राहत देने वाली धुनों के साथ, जो लोगों के दिलो – दिमाग पर एक बार फिर से राज करेगी।

 

 

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