मुंबई: गजब का है माटुंगा रेलवे स्टेशन, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में मिली जगह

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मुंबई। हर रोज हम भारत में लड़कियों और महिलाओं पर होने वाले भयानक अत्याचारों की कहानियां सुनते हैं। ऐसे हालात तब हैं जबकि, हम दावा करते हैं कि हमारे देश में तमाम प्रगतिशील नीतियां और ढेरों नागरिक आंदोलन हैं। हमारे यहां दुनिया की सर्वाधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, इसके अलावा शासन के सभी स्तरों पर 10 लाख से अधिक पदों पर महिलाएं काबिज हैं। इन सबके बीच महिलाओं से जुड़ी अपराध की ख़बरों के इतर महिला सशक्तिकरण की एक अच्छी ख़बर आयी है सेंट्रल रेलवे से। माटुंगा स्टेशन देश का पहला रेलवे स्टेशन है, जहां सभी कर्मचारी महिलाएं हैं। इसके लिए स्टेशन का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्स-2018 में शामिल किया गया है। माटुंगा स्टेशन छह महीने पहले देश का पहला स्टेशन बना था जिसके परिचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से महिलाओं पर है।

इस स्टेशन पर जनरल मैनेजर जी के शर्मा की कोशिशों से सेंट्रल रेलवे ने 34 महिलाओं की नियुक्ति की थी। 12 जुलाई 2017 को औपचारिक रूप से स्टेशन को इन महिला कर्मियों को सौंपा गया था। इन कर्मचारियों का कहना है कि शुरू में कुछ ऐसे लोग आ जाते थे, जिनसे निपटने में दिक्कत होती थी लेकिन अब हमने सबको संभालना सीख लिया है और किसी तरह की कोई परेशानी इस वजह से नहीं होती है कि यहां पुरुष स्टाफ नहीं है।

स्टेशन पर तैनात हैं 41 कर्मचारी
माटुंगा रेलवे स्टेशन पर 41 महिला कर्मचारी तैनात हैं। जिसमें रेलवे का स्टाफ है, साथ ही आरपीएफ, पुलिस और दूसरे विभागों की कर्मचारी भी हैं। इनमें एक भी पुरुष नहीं है। यहां की स्टेशन प्रबंधक ममता कुलकर्णी हैं। बीते छह महीने से महिला कर्मचारी स्टेशन पर रेलों का प्रचालन सफलतापूर्वक कर रही हैं।

छह महीने से महिला स्टाफ कर रहा है ट्रेनों का परिचालन
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी ने इसको लेकर कहा है कि लिम्का बुक में स्टेशन का नाम शामिल होना बड़ी बात है। उन्होंने कहा इससे स्टेशन की कर्मचारियों का हौंसला बढ़ेगा, जो छह महीने से कामयाबी के साथ 24 घंटे स्टेशन का कामकाज संभाल रही हैं। रेलवे के सीनियर अधिकारियों ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

 

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