भारत बंद के दौरान हिंसा को लेकर मायावती ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप, कहा…

0

लखनऊ| एससी-एसटी मामले में बीजेपी का निशाना बन रही बसपा सुप्रीमों मायावती अपनी सफाई देते हुए योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बसपा के शासनकाल में जो फैसला लिया गया उसकी तुलना करना गलत है। बसपा के शासन के दौरान किसी भी दलित के साथ कोई उत्पीड़न नहीं हुआ। बसपा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

मायावती

दरअसल भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के लिए बसपा को जिम्मेदार ठहराए जाने के सवाल का जवाब देते हुए सुप्रीमों मायावती ने कहा कि ये सब बीजेपी की चल है। वो एससी-एसटी एक्ट मामले में अपनी खामियां छिपाने के लिए बसपा के नाम का इस्तेमाल कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च, 2018 के अपने आदेश में अग्रिम जमानत के विषय में जो आदेश दिए हैं, उसका हमारी सरकार के दिशा-निर्देशों में कहीं उल्लेख नहीं है।

गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए मायावती ने अपनी सफाई दी। मायावती ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार में 20 मई 2007 को जो दिशा-निर्देश दिए थे, उन निर्देशों का गलत तरीके से ‘इस्तेमाल व दुरुपयोग’ किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि एससी/एसटी के मामले दर्ज होने में काफी दिक्कतें की जा रही थीं, जिसे जांच के बाद सरकार ने हटाकर 29 अक्टूबर, 2007 को एक नया आदेश जारी किया। इस बात को बीजेपी सामने नहीं ला रही।

बसपा सुप्रीमों ने कहा कि यूपी के उप चुनाव में मिली हार को बीजेपी अभी पचा नहीं पायी है। उन्हें लगने लगा है कि अब चुनाव उसनके लिए आसान नहीं है इसलिए ये सारी चालें चल रही है। भाजपा बोलती कुछ है, करती कुछ और है। जनता भाजपा की समाज विरोधी गतिविधियों से त्रस्त हो गई है। ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा जुमला बनकर रह गया है।

इसके साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि भारत बंद के दौरान सिर्फ उन्ही जगहों पर हिंसा हुई जहां बीजेपी का शासन था। बाकी प्रदेशों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए। भाजपा ने ही सरकारी मिशनिरियों का प्रयोग कर हिंसा को बढ़ावा दिया।

loading...
शेयर करें