मायवती ने फूंका मिशन 2019 का बिगुल, मोदी सरकार को बताया दलित विरोधी

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चंडीगढ़। यूपी उपचुनाव में सपा-बसपा गठबंधन को मिली जीत से उत्साहित बसपा सुप्रीमो मायावती ने मिशन 2019 का शंखनाद कर दिया है। वो चंडीगढ़ में आज संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ रैली कर रही हैं। सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में बड़ी संख्या में पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक आए। रैली में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी कट्टर सोच को आगे बढ़ाते हुए दलितों का शोषण किया है। उन्होंने बीजेपी को दलित विरोधी पार्टी बताया।

पार्टी के संस्थापक कांशीराम के जन्मदिन पर उन्हें किया याद

मायावती ने रैली की शुरुआत करते हुए पार्टी संस्थापक कांशीराम को उनके जन्मदिन पर याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने दलितों व कांशीराम को गंभीरता से नहीं लिया। जब से केंद्र में व अन्य जगहों पर बीजेपी की सरकार बनी है तब से दलितों के खिलाफ हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने इस दौरान ऊना व हैदराबाद की घटनाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि मुझे राज्यसभा में दलितों की बात ठीक से रखने का मौका नहीं दिया गया, इसलिए मैंने पद से इस्तीफा दिया। अब हमें पंजीवादी पार्टियों को सत्ता में आने से रोकना है। देश में गरीबों और दलितों का उत्पीड़न हो रहा है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि पंजाब में जिन लोगों को पार्टी संगठन की जिम्मेवारी सौंपी गई है, वे भूल जाएं कि यूपी से उन्हें कुछ मिलेगा। यहां के नेता यूपी में किसी पद के लालच में न रहें, उनके लिए बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में बसपा के कार्यकर्ताओं को खुद ही कड़ी मेहनत करनी होगी।

उन्होंने सहारनपुर में पिछले दिनों हुए दंगों का आरोप भाजपा पर मढ़ते हुए कहा कि छोटी सी बात को बड़ा बनाते हुए भाजपा ने वहां दलितों का शोषण किया है।

मायावती की इस रैली को 2019 चुनावों के लिए बसपा की ओर से शंखनाद बताया जा रहा है। बसपा के संस्थापक रहे कांशीराम का आज जन्मदिन है, इसी मौके पर ये रैली आयोजित की गई।

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