अल्पसंख्यक आयोग ने वसीम रिजवी को दिया मुंहतोड़ जवाब, कहा- मदरसे में आतंकी नहीं, आईएएस बनते हैं

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरूल हसन रिजवी ने रविवार को  उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी के मदरसे से जुड़े विवादित बयान पर पलटवार किया है। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने वसीम रिजवी के बयान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि वसीम रिजवी का बयान हास्यास्पद है। मदरसे आतंकवादी नहीं, बल्कि आईएएस अधिकारी बनाते हैं।

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि मदरसों को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश बहुत बचकाना और हास्यास्पद है। एक या दो घटनाओं को लेकर मदरसों को बदनाम नहीं किया जा सकता। आज के समय मदरसों से पढ़ने वाले बच्चे आईएएस अधिकारी भी बन रहे हैं और दूसरे क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं। मैं तो यह कहूंगा कि मदरसे आतंकवादी नहीं, बल्कि IAS पैदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी कई मिसालें मिलती हैं जब मदरसों से पढ़े बच्चों ने UPSC की परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। दारूल उलूम देवबंद से पढ़ाई करने वाले मौलाना वसीमुर रहमान ने 2008 में UPSC की परीक्षा पास की थी। उनको 404वीं रैंक मिली थी। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मदरसा ‘अली अरबिया’ से पढ़ाई करने वाले मौलाना हम्माद जफर ने 2013 में UPSC की परीक्षा पास की और उनको 825वीं रैंक हासिल हुई थी।

गैयूरुल हसन रिजवी ने कहा कि यह बात सामने आई है कि इन (वसीम रिजवी) पर कई मामले चल रहे हैं और वह सरकार की नजर में अच्छा बनने के लिए इस तरह की बेबुनियाद बातें कर रहे हैं। लेकिन मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि सरकार को इनकी बातों पर कोई यकीन नहीं है। सरकार तो मदरसों का अधुनिकीकरण करना और इनको आगे बढ़ाना चाहती है।

उन्होंने खुद उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखले वाले अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा, ‘हाल के समय में मैं कई मदरसों में गया और पाया कि वहां बहुत बदलाव आया है। मदरसों में अब आधुनिक शिक्ष दी जा रही है। जो मदरसे आधुनिक शिक्षा से दूर हैं सरकार उनके लिए भी काम कर रही है।

आपको बता दें कि मदरसा शिक्षा की आलोचना करने के बाद वसीम रिजवी मुस्लिमों के एक वर्ग के निशाने पर आ गए हैं। वसीम ने मदरसा शिक्षा के खिलाफ पीएम मोदी को चिठ्ठी लिखी थी। इसके बाद जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद ने वसीम रिजवी पर 20 करोड़ का मानहानि का मुकदमा ठोंका। इसके साथ ही उनके सामने माफी मांगने की शर्त भी रखी।

जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि वसीम रिजवी ने जो चिठ्ठी प्रधानमंत्री मोदी को लिखी है उसमें कई आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। चिठ्ठी की वजह से मदरसों का और मुसलमानों की छवि को भारी नुकसान होगा।

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