मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर फिर लगा अडंगा, अबकी राह में रोड़ा बने ‘आम’ और ‘चीकू’

0

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाने वाली बुलेट ट्रेन के मार्ग में एक के बाद एक अड़ंगे लगते चले जा रहे हैं। एक बार फिर इस मामले में जमीन अधिग्रहण का मामला फंस गया है। ऐसे में एक बार फिर स्थानीय नेता दखल देने में लगे हुए है। दरअसल ताजा मामले में महाराष्ट्र के आम और चीकू पैदा करने वाले फल उत्पादक पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोकेट के बीच खड़े हैं। उनका कहना है कि अपनी जमीन के बदले उन्हें केंद्र सरकार से वैकल्पिक रोजगार चाहिए।

मुंबई के प्रभादेवी में ब्यूमोंटे टॉवर की 33वीं मंजिल पर लगी…

मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट

खबरों के मुताबिक़ फल उत्पादकों के इस विरोध की वजह से इस प्रोजेक्ट की जमीन अधिग्रहम की दिसंबर की डेडलाइन अब और आगे बढ़ सकती है।

हालांकि सरकार ने फल उत्पादकों को उनकी जमीन को खरीदने के लिए मार्केट रेट से ज्यादा का ऑफर दिया है। साथ ही रिसेटलमेंट के लिए 5 लाख या 50 फीसदी जमीन की कीमत जो भी ज्यादा हो देने के ऑफर तय किए गए हैं।

राम रहीम से भी खौफनाक दाती महाराज का सच! हकीकत जान…

बता दें इससे पहले भी विकास के नाम पर कुछ ख़ास समुदाय से ताल्लुक रखने वालों ने सरकार के इस ड्रीम में साथ देने से साफ मना किया था।

उनका कहना था कि सरकार ने उनके गाँवों और समुदाय के सुधार के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाया। इस कारण वे सरकार के लिए अपनी जमीने नहीं देंगे।

यही नहीं जापान की फंडिंग पर आधारित इस प्रोजेक्ट में सॉफ्ट लोन की व्यवस्था में भी अडंगा आ सकता है। यह लोन जापान इंटरनैशनल को-ऑपरेशन एजेंसी जारी करेगी।

loading...
शेयर करें