जिंदा है मोगैम्बो , अपनी दमदार आवाज़ से किया सबके दिलो पर राज

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मुंबई । लंबा चौड़ा क़द, रौबदार आवाज़, डरावने गेटअप और दमदार शख़्सियत से सालों तक सबके दिल में ख़ौफ़ पैदा करने वाले अभिनेता अमरीश पुरी बॉलीवुड में अब तक याद किया जाता है। आपको बता दें कि आज के ही दिन उनका निधन हुआ था। फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’  से उनका मौगेंबो का किरदार दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ गया। अभिनेता के रूप निशांत, मंथन और भूमिका जैसी फ़िल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले श्री अमरीश पुरी ने खलनायक के रूप में आज भी हम सब के दिल में जगह बनाई हुई।

250 फिल्मों में किया अभिनय बता दें कि तीन दशक में लगभग 250 फिल्मों में अभिनय किया । कहा जाता है उन्हें किसी अभिनय प्रशिक्षण संस्था की ज़रुरत नही थी वे खुद एक चलते फिरते अभिनय प्रशिक्षण संस्था थे।  बॉलीवुड में उन्होंने कडक़ आवाज रौबदार भाव दमदार अभिनय के बल पर खलनायकी को एक नई पहचान दी।

यहां से की थी करियर की शुरुआत  

पंजाब के नौशेरां गांव में 22 जून 1932 में जन्में अमरीश पुरी ने अपने करियर की शुरूआत श्रम मंत्रालय में नौकरी से की और उसके साथ ही सत्यदेव दुबे के नाटकों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया। बाद में वह पृथ्वी राज कपूर के पृथ्वी थियेटर में बतौर कलाकार अपनी पहचान बनाने में सफल हुए। पचास के दशक में अमरीश पुरी ने हिमाचल प्रदेश के शिमला से बीए पास करने के बाद मुंबई का रूख किया। उस समय उनके बड़े भाई मदन पुरी हिन्दी फिल्म में बतौर खलनायक अपनी पहचान बना चुके थे। अमरीश पुरी ने शिमला के बीएम कॉलेज से अपने ग्रेज्युएशन पढाई पूरी करके पहले भारतीय जीवन बीमा निगम में नौकरी की, फिर वह पृथ्वी थिएटर में काम करने लग गए. रंगमंच पर बेहतर प्रस्तुति के लिए उन्हें 1979 में संगीत नाटक अकादमी की तरफ से पुरस्कार भी मिला. अमरीश पुरी ने अपना बॉलीवुड डेब्यू साल 1971 में आई फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ से किया था, जिसमे उनका बहुत ही छोटा सा रोल था.

72 साल की उम्र में हुआ निधन

70 के दशक से 21 वीं सदी तक फिल्मों में खलनायक रहने वाले अमरीश पूरी बेशक आज इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन आज भी वह लोगों के मन में बसे हुए हैं। खलनायक तो बहुत से देखने को मिले लेकिन अमरीश पुरी दमदार वाली बात किसी और में देखने को ही नहीं मिल सकी। 72 साल की उम्र में  सुबह मस्तिष्क की नस फट जाने के कारण मुंबई में उनकी मृत्यु हो गई.

 

 

 

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