बीजेपी में आते ही नरेश अग्रवाल ने जया बच्चन के लिए कहे अपशब्द, अखिलेश ने की कार्रवाई की मांग

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने कुछ ऐसा बयान दे दिया है कि वो सबके निशाने पर आगये हैं। उन्होंने सपा के राज्यसभा प्रत्याशी जया बच्चन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में उनकी तुलना फिल्मों में नाचने और काम करने वाले लोगों के साथ की गई। नरेश अग्रवाल के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आपत्ति जताई है और महिला आयोग से कार्रवाई की मांग की है।

नरेश अग्रवाल

वहीँ उनके इस बयान को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गलत करार दिया है। आपको बता दें कि सोमवार को राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल समाजवादी पार्टी को अलविदा कह बीजेपी का दामन थाम लिया। उनकी जगह जया बच्चन को तरजीह दिए जाने से नाराज नरेश अग्रवाल ने कहा कि पार्टी ने उनकी तुलना फिल्म अभिनेत्री से की है जो फिल्मों में नाचती थी।

नरेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनावों में उनका विधायक बेटा भाजपा के पक्ष में मतदान करेगा। नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल अखिलेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में हरदोई से सपा के विधायक हैं।

अखिलेश यादव ने अग्रवाल पर की कार्रवाई की मांग

अग्रवाल के इस बयान के बाद मंगलवार को अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि श्रीमती जया बच्चन जी पर की गई अभद्र टिप्पणी के लिए हम भाजपा के श्री नरेश अग्रवाल के बयान की कड़ी निंदा करते है। ये फिल्म जगत के साथ ही भारत की हर महिला का भी अपमान है। भाजपा अगर सच में नारी का सम्मान करती है तो तत्काल उनके ख़िलाफ कदम उठाये। महिला आयोग को भी कार्रवाई करनी चाहिए।”

सुषमा स्वराज ने की कार्रवाई की मांग

वहीँ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आपत्ति जताते हुए कहा कि श्री नरेश अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। उनका स्वागत है। लेकिन जया बच्चन जी के विषय में उनकी टिप्पणी अनुचित एवं अस्वीकार्य है।’ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने अग्रवाल की बयान को उनका निजी बयान बताया।

समाजवादी पार्टी के छह राज्यसभा सांसद रिटायर हो रहे हैं

बता दें कि अग्रवाल का कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा है। वहीं अग्रवाल के अलावा पांच और समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रिटायर हो रहे हैं। जिनमे वकिरणमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, जया बच्चन, मुनव्वर सलीम और आलोक तिवारी के नाम शामिल हैं। सपा के पास सिर्फ 47 वोट हैं, अखिलेश यादव सिर्फ एक नेता को ही संसद भेज सकते हैं। बाकी के 9 अतिरिक्त वोट पार्टी गठबंधन के तहत बीएसपी उम्मीदवार को देगी।

नरेश अग्रवाल का राजनीतिक सफर

अग्रवाल सपा में आने से पहले बहुजन समाज पार्टी में थे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव थे। बसपा ने उन्हें लोकसभा का चुनाव भी लड़वाया था लेकिन वह हार गये थे। अग्रवाल मूल रूप से कांग्रेस नेता थे लेकिन कल्याण सिंह की सरकार बचाने के लिए उनके नेतृत्व में कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में विभाजन हो गया था और लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी बनाई गई थी। कल्याण सिंह की सरकार के दौरान वह प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी रहे। बाद में वह बसपा के साथ आ गये थे और फिर सपा में होते हुए अब भाजपा के साथ आ गए हैं।

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