नासा का दावा, दशकों से गायब उपग्रह वापस मिला

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वाशिगटन। अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दशकों से गायब एक उपग्रह के वापस मिलने का दावा किया है। नासा ने कहा, दशकों से गायब नासा का एक उपग्रह जिसे निष्क्रिय समझा जा रहा था वह सही एवं सक्रिय है। नासा के ‘इमेजर फॉर मैग्नेटोपॉज-टू-ऑरोरा ग्लोबल एक्सप्लोरेशन’ (इमेज) ने 20 जनवरी को मिले इस उपग्रह की पहचान की है।

8 दिसंबर 2005 को करीब पांच साल बाद इस सेटेलाइट से वैज्ञानिकों का संपर्क टूट गया। नासा के अनुसार इसमें लगे ट्रांसपोडर (सिग्नल प्राप्त करने वाला यंत्र) को पावर सप्लाई कर रहे डिवाइस में हुई गड़बड़ी के कारण संपर्क टूट गया था। अमेरिका की जॉन्स हॉपकिंस एप्लाइड फिजिक्स लैब ने उपग्रह से सफलतापूर्वक टेलीमेट्री डेटा एकत्रित कर लिया है।

अंतरिक्ष एजेंसी उपग्रह से बुनियादी हाउसकीपिंग डेटा पढ़ पा रही है, जिससे इसके मुख्य नियंत्रित प्रणाली के सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है। नासा के वैज्ञानिक और इंजीनियर उपग्रह से प्राप्त डेटा का विश्लेषण करने का प्रयास जारी रखेंगे ताकि उपग्रह की स्थिति का पता लगाया जा सके।

बता दें इससे पहले नासा ने कहा था कि वह ग्लोबल स्केल ऑब्जव्रेशंस ऑफ द लिंग एंड डिस्क अर्थात गोल्ड मिशन लांच करेगा। इस मिशन का मकसद अंतरिक्ष में पृथ्वी की सरहद जानने का प्रयास करना है। कहा गया था कि यह नासा का पहला मिशन है जिसके तहत वह कोई उपकरण व्यावसायिक रूप से अंतरिक्ष में भेजेगा।

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