NIA का खुलासा, कश्मीरी छात्रों को वजीफा देकर आतंकवाद की नई पीढ़ी तैयार कर रहा पाकिस्तान

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नई दिल्ली। पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इसकी नई पीढ़ी तैयार करने के लिए खतरनाक साजिश रच रहा है। वीजा लेकर पाकिस्तान पढ़ने गए नौजवान युवक वहां से आतंकवादी बन कर लौट रहे हैं। एनआईए ने दाखिल की गई अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। अलगाववादी व हुर्रियत नेताओं की सिफारिश पर नई दिल्ली स्थित पाकस्तिान उच्चायोग द्वारा कश्मीरी युवकों को वीजा जारी कर दिया जाता है। इसके बाद इन युवकों को पाक के मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिल जाता है। इन युवकों का झुकाव पाकिस्तान की तरफ अधिक रहता है।

खासतौर पर आतंकियों के रिश्तेदारों पर पाक कर रहा मेहरबानी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि आतंकियों या अलगाववादियों के परिवार के कश्मीरी युवाओं को वीजा व वजीफा देकर डॉक्टरी और इंजीनियरिंग पढ़ाने के पीछे उन्हें पाकिस्तान का समर्थक बनाना है। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान पाया गया कि ज्यादातर आतंकियों और अलगाववादियों के रिश्तेदार ही एमबीबीएस और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए वीजा लेकर पाकिस्तान जा रहे हैं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि आतंकी हुर्रियत और पाक सरकार के गठजोड़ से कश्मीर में पाकिस्तान समर्थक डॉक्टरों और इंजीनियरों की पूरी फौज तैयार करने की गहरी साजिश चल रही है। एनआईए के द्वारा दाखिल किए गए आरोपपत्र में हुर्रियत के जिन नेताओं के नाम हैं, उनमें अफताब हिलाली ऊर्फ शाहिद-उल-इस्लाम, एयाज अकबर खांडेय, फारूक अहमद डार ऊर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कलवल और बशीर अहमद भट ऊर्फ पीर सैफुल्लाह शामिल है।

बीते दिनों एनआईए ने नईम खान के घर से ऐसे दस्तावेज जब्त किए थे, जिसमें पाकिस्तान स्थित एक नामी मेडिकल कॉलेज में एक छात्रा के दाखिले की इस आधार पर सिफारिश की गई थी कि उसका परिवार कश्मीर में स्वतंत्रता संघर्ष के लिए हर तरह से प्रतिबद्ध है। एनआईए के अनुसार, इसी तरह का एक दस्तावेज शाहिद-उल-इस्लाम के घर से जब्त किया गया था, जिसमें हुर्रियत नेता वीजा जारी करने के लिए पाकिस्तानी उच्चायोग को सिफारिश भेज रहे थे।

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