अब तिरुपति मंदिर में खास टीका लगाने वालों को ही मिलेगी एंट्री, 44 गैर हिन्दू कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

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नई दिल्ली।  आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के तिरुपति बाला जी मंदिर में अब गैर हिन्दू लोगों का जाना वर्जित है।  राज्य सरकार की ओर से जारी किए आदेश के मुताबिक अब यहां न कोई गैर हिन्दू काम कर सकता है और न मंदिर में प्रवेश कर सकता है। हाल ही में वीडियो सामने आया है जिसमें मंदिर की एक महिला कर्मचारी चर्च में प्रार्थना करते हुए नज़र आ रही है।

इस वीडियो की वजह से हुआ बवाल

सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जब इस वीडियो की जांच की गई तो इस महिला की पहचान तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम के डिप्टी एक्जिक्यूटिव अधिकारी स्नेह लता के रूप में हुई। स्नेह लता पर आरोप है कि, वह हर रविवार को मंदिर की कार से चर्च जाती हैं।

गैर हिंदू कर्मचारियों को तुरंत मंदिर से निकाले जाने की मांग

इस मामले में प्रबंध समिति तिरुमाला तिरुपति देवास्थानम (टीटीडी) ने जांच शुरू की तो पता चला कि मंदिर में एक-दो नहीं बल्कि 44 गैर हिंदू कर्मचारी तैनात हैं। जांच में पता चला कि आरोपी महिला की नियुक्ति 1986 में हुई थी। हालांकि जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उस वक्त मंदिर में गैर हिंदुओं को नौकरी पर रखने की मनाही नहीं थी और ये नियुक्तियां आरक्षण का नियम लागू करते हुए की गई थीं। 1988 में मंदिर में गैर हिंदुओं को नौकरी पर नहीं रखने का नियम लागू हुआ था। वीडियो वायरल होने पर विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य हिंदू संगठनों ने इस मुद्दे को उठाया और मंदिर समिति से मांग की कि गैर हिंदू कर्मचारियों को तुरंत मंदिर से निकाला जाए।

आपको बता दें कि मंदिर के दिशा- निर्देशों के अनुसार कोई भी गैर हिंदू इस मंदिर में ना तो काम कर सकता है और ना ही किसी सर्विस का हिस्सा बन सकता है। यहां तक कि अगर वे मंदिर में प्रवेश भी करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले हस्ताक्षर कर ये साबित करना होगा कि उनके मन में हिंदू भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा है।

 ‘थिरू-नामम’ टीका लगाने पर ही मिलेगी एंट्री

ये मामला सामने आने के बाद टीटीडी बोर्ड जो दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर का प्रबंधन करता है, वह ‘थिरू-नामम’ को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। ‘थिरू-नामम’ माथे के मध्य पर लगने या बनाए जाने वाला एक निशान है, जिसमें एक पतली ऊपर की ओर उठी लाइन होती है, इसका आकार अंग्रेजी के शब्द ‘यू’ के समान होता ह।. यह सफेद चंदन की मोटी रेखा से घिरा होता है।

टीटीडी ने 44 लोगों को दूसरे धर्म के लोगों के रूप में चिन्हित किया है, जिन्हें मंदिर छोड़ना पड़ेगा। टीटीडी के एक्जिक्यूटिव ऑफिसर अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि सभी 44 गैर हिंदू कर्मचारियों को नोटिस देकर उनसे इस मामले जवाब मांगा गया है। सिंघल ने शुक्रवार (5 जनवरी) को मीडिया से कहा- हम इन लोगों को राज्य सरकार के दूसरे विभागों में उनके स्तर के पदों और तनख्वाह पर भेजने का विचार कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश सरकार दूसरे विभागों में उन्हें रखने पर राजी हो गई है। बता दें तिरुपति बाला जी का यह स्थान दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है।

 

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