‘पकौड़ा रोजगार’ को अब आनंदी बेन ने दिया नया एंगल, बोलीं- इसके लिए भी बहुत स्किल की जरूरत है

0

नई दिल्ली। गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन ने पीएम मोदी के पकौड़ा रोजगार वाले बयान पर सफाई पेश की है। आनंदी बेन का कहना है कि पीएम मोदी के इस बयान को विपक्ष तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। साथ ही आनंदी बेन ने इसपर अपना एक नया एंगल दिया है। उन्होंने कहा है कि पकौड़े बेचना के लिए भी बहुत स्किल्स की जरूरत है।

आनंदी बेन

आनंदी बेन ने ये बातें मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में ‘गोंड महासभा’ को संबोधित करते हुए कही हैं। आनंदी बेन ने आगे कहा, ‘’सभी को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती। हमारा अनुभव है कि पकौड़े तलना भी कौशल विकास का एक हुनर है। इसमें शुरु के दो साल में भले ही सफलता नहीं मिले लेकिन तीसरे साल वह एक रेस्टॉरेंट का मालिक बन सकता है और आगे जाकर होटल का मालिक बन सकता है।’’

आनंदी बेन पटेल ने आगे कहा, ‘’कोई काम छोटा नहीं है, छोटे-छोटे काम करके ही देश के कई उघोगपति विदेशों तक पहुंच गए हैं। वो चाहे अंबानी हो या अदानी।’’

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि क्या अगर कोई शख्स हर रोज पकौड़ा बेच कर 200 रुपये कमाता है तो उसे रोजगार माना नहीं जाएगा। उनके इस बयान पर विपक्ष के साथ और सोशल मीडिया में काफी आलोचना हुई थी। पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने कहा था कि अगर पकौड़ा बेचना रोजगार है तो भीख मांगने को क्या माना जाए लेकिन इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में अपने भाषण में पी. चिदंबरम के इस बयान पर निशाना साधते हुए थे कहा कि कोई मेहनत करके पकौड़े बेच स्वरोजगार करता है तो क्या उसकी तुलना भिखारी से की जाएगी।

loading...
शेयर करें