पीएचडी स्कॉलर बन गया आतंकी, हिजबुल सरगना सलाउद्दीन ने की घोषणा

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नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के होनहार रिसर्च स्कॉलर मन्नान वानी की एके 47 के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसके बाद उनके आतंकवादी संगठन में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रहीं थी। इस खबर की पुष्टि आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैय्यद सलाउद्दीन ने कर दी है।

सलाउद्दीन ने जारी किया बयान

एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, सलाउद्दीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले काफी समय से हिजबुल के साथ कश्मीर के पढ़े लिखे युवा नेता जुड़ रहे हैं। युवाओं के साथ जुड़ने से हमारी कश्मीर की आजादी की लड़ाई आगे बढ़ रही है। सलाउद्दीन के अनुसार भारत के लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। कश्मीरी युवकों का हमारे साथ जुडना इस बात का सबूत है।

वानी को यूनिवर्सिटी ने किया निष्कासित

26 साल के वानी का नाम आतंकी संगठन से जुडने के कारण अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने उसे निष्कासित कर दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार यूनिवर्सिटी का माहौल खराब ना हो इसलिए ऐसा किया गया है। अलीगढ़ के एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने हॉस्टल में वानी के कमरे की तलाशी ली। इस तलाशी में उन्हें कुछ लिटरेचर की किताबें मिलीं हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, मन्नान वानी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब का रहने वाला है। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था। 26 साल का वानी तीन दिन पहले घर आने वाला था, लेकिन उसने घर पर कोई खबर नहीं दी थी। वह पिछले पांच साल से एएमयू में रह रहा था, वहां से उसने एमफिल की डिग्री भी ली है।

वानी की मां ने की उससे की घर वापस लौटने की अपील

मन्नान की मां बार-बार बेटे से घर वापसी की अपील कर रही है। वह कह रही है कि कोई उसे कहे कि बंदूक का रास्ता छोडक़र चुपचाप घर लौट आए। मैने उसे कभी नहीं डांटा। अगर मैने उसका दिल दुखाया है तो वो मुझे माफ करे।

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