प्राइवेट स्कूल अब आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी देगा ऐडमिशन

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नई दिल्ली। शिक्षा निदेशालय ने सभी प्राइवेट स्कूलों को यह निर्देश दिए हैं कि किसी भी बच्चे को ‘स्पेलिंग एरर’ या कुछ खास दस्तावेज न होने के नाम पर एडमिशन के लिए मन नही किया जायेगा. इसके साथ ही शिक्षा निदेशालय ने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर/वंचित (EWS/DG) वर्ग के बच्चों को भी दाखिला देना अनिवार्य हैं. ऐसे बच्चो को एडमिशन देने की अंतिम तारीख 16 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी गयी है। इसके पहले शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत अनिवार्य किए गए 25 प्रतिशत आरक्षित श्रेणी के बच्चों के दाखिला की अंतिम तारीख 31 मार्च थी.

स्कूल

इसके साथ ही शिक्षा निदेशालय की ओर से एक सूची जारी की गयी हैं जिसका नाम हैं ‘क्या नहीं कर सकते हैं’. इसके लिए लिए हर जिले से एक टीम तैयार की जाएगी जो अपने इलाके के प्राइवेट, मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा ऐसे श्रेणी के बच्चों को एडमिशन दिलाना सुनिश्चित करेगी। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी की गयी लिस्ट में कुछ बातें कही गयी हैं जो निम्न लिखित इस प्रकार हैं-

-आप बच्चों से उनका आधार नंबर नहीं मांग सकते हैं।

-आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) श्रेणी के पैरंट्स जिन्होंने अपने राशन कार्ड की कॉपी जमा करा दी है, उनसे आप इनकम सर्टिफिकेट नहीं मांग सकते हैं।

-जिन पैरंट्स का वंचित श्रेणी (DG) के तहत चयन हुआ है, उनसे आप इनकम सर्टिफिकेट की मांग नहीं करेंगे।

-किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित दस्तावेजों की भी मांग नहीं की जा सकती है।

-किसी बच्चे के घर से स्कूल कितनी दूरी पर है, इसे आधार बनाकर आप दाखिला देने से मना नहीं कर सकते हैं।

-बच्चे का राशन कार्ड नहीं मांगा जाएगा।

-उनसे किसी भी तरह के स्कूल फीस की मांग नहीं की जाएगी।

-शब्दों में छोटी गलतियों का बहाना बनाकर दाखिला देने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

जैसा की आपको बता दे कुछ दिनों पहले यह खबर आई थी कि राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज का हवाला देकर कई बच्चों को दाखिला देने से मना कर दिया गया है। वहीं कुछ पैरंट्स शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी संदेश को भी नहीं समझ पा रहे थे। जिस वजह से कुछ को लगा कि उन्हें 31 मार्च के बाद स्कूल में रिपोर्ट करने के लिए बोला गया है। इस कारण से स्कूल को सभी चयनित स्टूडेंट्स के नाम की लिस्ट स्कूल के बाहर लगाने के साथ ही सहायता केंद्र बनाने के लिए कहा गया है, ताकि हर पैरंट्स को रसीद जारी की जा सके। इसके अलावा बताया जाता है कि शिक्षा निदेशालय के निदेशक की ओर से नामजद किए व्यक्ति भेजे जाएंगे, जो इस बात की जांच करेंगे की हर सीट पर सिर्फ EWS/DG श्रेणी के बच्चों को ही दाखिला मिले। जिसके बाद विभाग की वेबसाइट पर इस बारे में तैयार की गई रिपोर्ट अपलोड कर दी जाएगी।

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