BBAU की लापरवाही, निर्देश के बावजूद नहीं छप रहे हिंदी प्रश्‍न पत्र

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लखनऊ। लखनऊ स्थित बाबा भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) में प्रश्‍न पत्र इंग्लिश में ही तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि कुछ दिनों पहले खुद वीसी प्रो. आरसी सोबती ने निर्देश जारी किए थे। उन्‍होंने कहा था कि प्रश्‍न पत्र हिंदी में छापे जाए। लेकिन इसके बावजूद पेपर इंग्लिश में छापे जा रहे हैं। इतना ही नहीं हाल ही में दिसंबर में हुईं सभी सेमेस्टर परीक्षाओं में स्‍टूडेंट्स को पेपर इंग्लिश में ही दिया गया था।

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बता दें, इस बार भी जनवरी से होने वाली 11 विभागों की परीक्षाओं में स्‍टूडेंट्स को प्रश्‍न पत्र इंग्लिश में ही देने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में जो हिंदी मीडियम के बच्‍चें हैं उन्‍हें पेपर को समझने में काफी दिक्‍कतें हो रही हैं। वहीं हिंदी के एक स्‍टूडेंट ऋषि शुक्‍ला ने बताया कि कॉलेज में काफी संख्‍या में हिंदी मीडियम के स्‍टूडेंट्स हैं।

ऐसे में प्रश्‍न पत्र इंग्लिश में होने की वजह से उन्‍हें पेपर समझने और उसे सॉल्‍व करने में काफी दिक्‍कत होती है। इसके लिए सभी स्‍टूडेंट्स की तरफ से वीसी को एक पत्र लिखकर भेजा गया था। इस पर वीसी ने हिंदी में प्रश्नपत्रों का प्रकाशन करने के निर्देश दिए थे, जिससे स्‍टूडेंट्स को दिक्कत न हो, लेकिन इस पर अब तक अमल नहीं किया गया है। ऐसे में अब छात्रों को प्रश्‍न पत्र हल करने में परेशानी हो रही है। जनवरी में फिर से परीक्षाएं होनी हैं।

वहीं परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीएन दुबे ने कहा कि परीक्षा के लिए प्रश्‍न पत्र हमारे स्‍तर से प्रकाशन किया जाता है। लेकिन हम भी वही प्रश्‍न पत्र प्रकाशित करके देते हैं जो विभाग की तरफ से हमें बनाकर दिया जाता है। ऐसे में ज्‍यादातर सभी विभाग हमें इंगिलश में ही प्रश्‍न पत्र तैयार करके देता है।

ऐसे में इसके लिए हम कुछ नहीं कर सकते। इसलिए पेपर हिंदी में तैयार करना है तो ये सब विभाग को ही करके देना होगा। वहीं प्रश्‍न पत्र चाहें एक भाषा में छापा जाए या दो भाषा में उसपर खर्च उतना ही आना होता है। इसलिए अगर विभाग हमें दो भाषा में प्रश्‍न पत्र भेजता है तो हम उसे वैसा ही प्रकाशित करेंगे।

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