आज शाम तक डासना जेल से रिहा हो सकते हैं राजेश और नूपुर तलवार

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि हत्याकांड में इलाहाबाद हाइकोर्ट ने राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। ताजा खबरों के मुताबिक आज दोनों को जेल से रिहा किया जा सकता है। ये दोनों गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट ने इन्हें जल्द से जल्द रिहा करने के आदेश दिए हैं।

सबूतों के अभाव के कारण कोर्ट ने तलवार दंपति को किया बरी

तलवार दंपति का केस लड़ रहे वकील मनोज सिसौदिया ने बताया है कि शुक्रवार तक आदेश की कॉपी जिला अदालत में आ सकती है। आदेश पहुंचने के बाद अदालत से शुक्रवार देर शाम जेल प्रशासन को रिहाई परवाना भेजा जाएगा। इसके बाद डॉ. राजेश तलवार और उनकी पत्नी डॉ. नूपुर तलवार की जेल से रिहाई होगी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरुषि हत्याकांड मामले में कल यानि गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘इस बात की प्रबल संभावना है कि किसी बाहरी व्यक्ति ने घटना को अंजाम दिया।’’ पीठ ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में अपना फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘तथ्यों और रिकॉर्ड में दर्ज साक्ष्यों को देखकर हम पाते हैं कि न तो परिस्थितियां और न ही साक्ष्य सुसंगत हैं और परिस्थितियां घटना में अपीलकर्ताओं की संलिप्तता को दर्शाने के लिये कड़ियों को पूरा नहीं कर रही हैं।’’

‘‘ऐसी परिस्थिति में जब दो तरह की राय संभव है तो अपीलकर्ताओं को दोषी ठहराने वाला नजरिया अपनाना सही नहीं हो सकता है। कड़ियों को पूरा करने के लिये परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अभाव में यह संदेह का लाभ अपीलकर्ताओं को देने का उपयुक्त मामला है।’’

ये है पूरा मामल

16 मई 2008 की रात को नोएडा के जलवायु विहार में आरुषि की उसके ही घर में हत्या कर दी गई थी। एक दिन बाद उसके नौकर हेमराज का शव उसी घर की छत से मिला। 5 दिन बाद पुलिस ने ये दावा करते हुए आरुषि के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया कि राजेश ने आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देखने के बाद दोनों की हत्या कर दी।

इस मामले की जांच एक जून को सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई की जांच के आधार पर गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर, 2013 को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से तलवार दंपति जेल में बंद हैं।

फैसला सुनते हैं नुपुर तलवार की आंखें हुईं नम

इस सजा के खिलाफ तलवार दंपत्ति ने हाईकोर्ट अपील दायर की थी। गुरुवार सुबह डॉ. राजेश और नुपुर तलवार के लिए अहम था। दोनों ने नाश्‍ता नहीं किया था। वहीं फैसला आने के बाद दोनों ने बयान दिया कि हमें इंसाफ मिल गया है। इस दौरान वे भावुक भी हो गए थे। जैसे ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया वैसे ही आरुषि की मां नुपुर तलवार के आंखों में आंसू आ गए। फैसला आने से पहले डासना जेल में बंद तलवार दंपति की सांसें अटकी हुई थी। सूत्रों से खबर मिली है कि राजेश तलवार का एनजाइटी लेवल हाई था। नूपुर और राजेश तलवार अलग-अलग बैरक में बंद हैं। उनकी बैरक में टीवी लगा हुआ है। जहां से उन दोनों को सारी जानकारी मिल रही थी।

 

 

 

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