रणवीर सिंह अपनी तस्वीर को लेकर हुए सोशल मीडिया पर ट्रोल

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मुंबई। बॉलीवुड के अभिनेता रणवीर सिंह हाल ही में एक्ट्रेस सोनम कपूर आहूजा की शादी में जमकर धमाल मचाते हुए नजर आये थे। बॉलीवुड के खिलजी यानि अभिनेता रणवीर सिंह सोशल मीडिया पर ट्रोलर के निशाने पर आ गये हैं। रणवीर सिंह इस बार अपनी किसी फिल्म या गाने को लेकर नहीं बल्कि अपनी एक तस्वीर की वजह से लोगों द्वारा ट्रोल किए गये हैं। बता दे रणवीर सिंह की ये तस्वीर उनके बचपन की हैं जिसे रणवीर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर फैन्स के लिए सांझा की थी।

रणवीर सिंह

गौरतलब हैं कि बचपन की तस्वीर को देखकर किसी को भी अपने बचपन की याद आ ही जायेगा और फिर अगर तस्वीर देख लो तो पुरानी यादें ताजा हो जाना तो आम बात हैं।जितनी बार भी उन तस्‍वीरों को देखो मन पुरानी यादों में खो जाता है।

कई बार तो ऐसा होता हैं कि हम खुद ही मन ही मन उन तस्वीरों को देखकर मुस्कुराते हुए पुरानी यादों में खो जाते हैं। इस मामले में बॉलीवुड के सेलिब्रिटीज भी बिलकुल हमारे जैसे हैं। एक्‍टर रणवीर सिंह ने अपने बचपन की एक प्‍यारी फोटो ट्विटर पर शेयर की है। तस्वीर को देखते ही ट्विटर पर वे लोगो के निशाने पर आ गये। लोगो ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

बता दे रणवीर सिंह ने हाल ही में Condé Nast Traveller को दिए एक इंटरव्‍यू के दौरान यह बताया था कि उनका बचपन अमीरों के जैसे नहीं बीता हैं। उनका परिवार ज्यादा अमीर भी नहीं था। इसलिए गर्मियों की छुट्टियों में विदेश घूमने के लिए पैसे बचाने पड़ते थे।

उनके मुताबिक, ‘जब मैं बड़ा हो रहा था तब हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। इसलिए मेरे माता-पिता बहुत पैसे बचाते थे ताकि साल में एक बार हम विदेश छुट्टियां मनाने जा सकें। मुझे याद है कि हम इंडोनेशिया, सिंगापुर और इटली घूमने गए थे। ज्‍यादातर हम अमेरिका जाते थे क्‍योंकि वहां हमारे बहुत रिश्‍तेदार हैं। और हर बार दिसंबर में दादा-दादी के साथ गोवा जाया करते थे।’

वैसे रणवीर सिंह ऐसे पहले शख्‍स नहीं हैं जिन्‍होंने इस तरह की बात की हो। इससे पहले परिणीति चोपड़ा भी कह चुकी हैं कि उन्‍हें साइकिल चलाकर स्‍कूल जाना पड़ता था क्‍योंकि उनके घरवाले कार अफॉर्ड नहीं कर सकते थे। बाद में किसी ने जब फेसबुक पर परिणीति की इस बात को झूठ कहा तो उन्‍होंने कहा कि वो स्‍कूल साइकिल से जाती थीं जबकि उनके पिता कार से उनके पीछे-पीछे आते थे। कहने का मतलब यह है कि उस वक्‍त बच्‍चों को स्‍कूल जाने के लिए कार नहीं मिलती थी।

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