चीनी स्पेस लैब पर वैज्ञानिकों ने खोया नियंत्रण, धरती से टकराया तो होगा महाविनाश

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बीजिंग। साल 2011 में चीनी वैज्ञानिकों ने चीनी स्पेस लैब Tiangon-1 लांच किया था। लेकिन वैज्ञानिकों की एक गलती के चलते पृथ्‍वी को काफी बड़ा खतरा हो सकता है। एक अंग्रेजी समाचार चैनल में छपी खबर की माने तो चीन ने खुद इस बात को स्‍वीकारा है कि चीनी स्पेस लैब पर अब उनका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। ऐसे में वह पृथ्वी से टकरा सकता है जिससे क्रैश लैंडिंग जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

चीनी स्पेस लैब

चीनी वैज्ञानिकों ने बीते दिनों मंगलवार को खुद इस बात की जानकारी दी कि उसकी पहली मानवरहित स्पेस लैब अंतरिक्ष प्रयोगशाला टीयांगोंग-1 नियंत्रित स्थिति में धरती से टकराएगी। हालांकि क्रैश लैंडिंग कहां से होगी इस बात की जानकारी अभी नहीं है। लेकिन इस टक्‍कर से पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं होगा।

चीन की एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक झू जोंगपेंग ने बताया कि, ‘वापस आती अंतरिक्ष प्रयोगशाला पर हमारी पैनी नजर है। जैसे ही यह धरती की कक्षा में प्रवेश करेगा वैसे ही इसका ज्‍यादातर हिस्‍सा जल जाएगा। जबकि बाकी बचे हुए हिस्‍से के टुकड़े में गिरेंगे।

दरअसल, हाल ही में पश्चिमी देशों की मीडिया में ऐसी खबर आई थी कि चीन के वैज्ञानिकों ने स्पेस लैब पर अपना नियंत्रण खो दिया है। ऐसे में जल्‍द ही वो पृथ्‍वी से टकरा सकती है। उसके टकराने से कई देशों में जहरीला रसायन फैलने लगेगा जोकि लोगों में कैंसर का कारण बनेगा।

आपको बता दें कि चीन ने 2011 में इस स्पेस लैब को अंतरिक्ष की कक्षा में भेजा था। अंतरिक्ष में स्थायी प्रयोगशाला स्थापित करने के प्रयासों में जुटे चीन के लिए इसे मील का पत्थर माना गया था। दुनिया के पहले परमानेंट स्‍पेस स्‍टेशन मीर को नष्‍ट हुए आज 17 वर्ष हो चुके हैं। 23 मार्च 2001 को भारतीय समयानुसार 11 बजकर 29 मिनट पर न्यूजीलैंड और चिली के बीच के यह समुद्र की तलहटी में समा गया था।

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