कुलगाम में हुई मौतों को लेकर अलगाववादियों ने किया बंद का आह्वान, गिरफ्तार हुए मालिक

0

श्रीनगर| जम्मू एवं कश्मीर के कुलगाम जिले में नागरिकों की मौतों के विरोध में अलगाववादी संगठनों के नेताओं सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक ने गुरुवार और शुक्रवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है। वहीं इस मामले को लेकर बुधवार को जुलूस निकाल रहे जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक एक बार फिर गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

जेकेएलएफ के कार्यालय पर आनन-फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में गिलानी और मीरवाइज उमर ने संवाददाताओं को फोन से संबोधित किया। उन्होंने और यासीन मलिक ने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह कश्मीर के लोगों का सफाया करना चाहती है।

मीरवाइज उमर ने कहा कि 2019 के आम चुनावों में कश्मीर को मुख्य मुद्दा बनाने के लिए मोदी सरकार किसी भी हद तक जा सकती है।

यासीन मलिक ने राज्य सरकार, विशेषकर पीडीपी नेतृत्व पर उस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन करने के लिए हमला बोला जो ‘खुले तौर पर दुष्कर्मियों और कातिलों का समर्थन कर रही है।’

गिलानी ने कहा कि कश्मीर के लोगों के मन से स्वतंत्रता की इच्छा और संकल्प’ को खत्म करने की नई दिल्ली की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।

बुधवार को कुलगाम में नागरिकों की मौतें होने के विरोध में अलगाववादियों ने गुरुवार और शुक्रवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है।

संवाददाता सम्मेलन के बाद, मलिक अपने कुछ समर्थकों के साथ प्रदर्शन करते हुए शहर के बीच स्थित लाल चौक की तरफ जाने लगे। पुलिस ने जुलूस रोक कर यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया।

यासीन मलिक की गिरफ्तारी की खबर शहर में फैलते ही मैसूमा क्षेत्र के सैकड़ों युवक अपने घरों से निकलकर सुरक्षा बलों से भिड़ गए। बुधवार को नागरिकों की मौतें होने के विरोध में पुलवामा, अनंतनाग, सोपोर और बांदीपोरा में भी झड़पों की खबरें आई हैं।

loading...
शेयर करें