शरद पवार ने खोला अपना सबसे बड़ा राज, बोले- 40 सालों से है इस एक बात का पछतावा

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मुंबई। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े राज का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि वह 40 सालों से इस एक बात को लेकर पछता रहे हैं। बीते रविवार वह मुंबई में भारतीय दंत संगठन (आईडीए) के 2022 तक मुंह के कैंसर को खत्म करने के मिशन की शुरुआत के मौके पर पहुंचे थे। यहां बोलते हुए उन्होंने कहा कि काश 40 साल पहले किसी ने उन्हें पान सुपारी खाने से रोक लिया होता तो आज उन्हें मुंह का कैंसर नहीं हुआ होता।

डॉक्टरों ने कह दिया था कि 6 महीने से ज्यादा जीवित नहीं रहेंगे पवार

कार्यक्रम में बोलते हुए शरद पवार ने बताया कि साल 2004 के लोकसभा चुनाव के समय ही उन्हें कैंसर का पता चला था। उस समय पवार कृषि मंत्री थे। खराब तबियत के बावजूद पवार सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक मंत्रालय का काम करते रहते थे। उन्हें 36 बार रेडिएशन का ट्रीटमेंट लेना पड़ा और ये बहुत ही ज्यादा तकलीफदेह था।

इतना ही नहीं एक डॉक्टर ने उसने से भी कह दिया था कि अब वे 6 महीने से ज्यादा नहीं जी पाएंगे। हालांकि उन्होंने डॉक्टर से कहा कि वे बीमारी की चिंता नहीं करते।

पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सर्जरी और दांत उखाड़ने के कारण उन्हें बहुत परेशानी हुई तथा मुंह खोलने, खाना निगलने और बात करने में भी दिक्कतें हुईं। उन्होंने कहा कि उन्हें कष्ट है कि लाखों भारतीय अब भी इस संकट में फंसते हैं। उन्होंने कहा कि वह यह मुद्दा संसद में उठाएंगे।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक दुनिया के 86 प्रतिशत ओरल कैंसर पेशेंट्स भारत में है. इनमें से 90 प्रतिशत लोगों को कैंसर केवल गुटखा और तंबाकू खाने की वजह से हुआ है। हर साल भारत में एक लाख नए मुंह के कैंसर के मरीज आते हैं। इनमें से 50 प्रतिशत लोग ही जिंदा बच पाते हैं।

हैरान करने वाली बात तो यह कि भारत में करीब 6.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 4 खरब रुपये मुंह के कैंसर से पीड़ित मरीजों पर खर्च होते हैं। यही नहीं, 30 प्रतिशत लोग इसमें 35 से कम उम्र के होते हैं।

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