सामने खड़े होकर हरीश रावत ने प्रीतम सिंह को दे डाली बड़ी नसीहत

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देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह एक बार फिर आमने-सामने आ गए। ये दोनों राजपुर रोड स्थित एक होटल में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा के सम्मान एवं विदाई कार्यक्रम में एक ही मंच पर मौजूद नजर आए। यहां हरीश रावत ने मंच से बोलते हुए प्रीतम सिंह को चौकंन्ना रहने व जनता को सच बताने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के किए गए कार्यों का श्रेय भाजपा ले रही है। कांग्रेस को एकजुट रहने की जरुरत है।

प्रीतम सिंह ने कहा हम सब एक हैं

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम सब एक हैं, और हरीश रावत की अगुवाई में कांग्रेस को मजबूत करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों से आज हर वर्ग परेशान है। किसान और व्यापारी आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

इससे पहले विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के साथ ही विभिन्न संस्थाओं ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, दिनेश अग्रवाल, पूर्व विधायक राजकुमार, विधायक विजयपाल सजवाण, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान आदि मौजूद रहे।

ये थी विवाद की वजह

दून और हल्द्वानी में रैली को लेकर हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्हें नहीं बुलाया गया। इस पर प्रीतम सिंह की ओर से कहा गया कि सूचना दी गई थी। तभी से दोनों ओर से लगातार बयानबाजी हो रही थी। इस बीच, यह पहला मौका था, जब दोनों नेता एक मंच पर आए। यहां पर ये दोनों एक दूसरे के साथ सहज नजर आए। इन्होंने आपस में बातचीत की।

हरीश रावत ने अल्पसंख्यकों का मसला उठाते हुए कहा कि आज जो लोग देश में सत्ता में हैं, उनका संविधान में विश्वास नहीं है। राज्य सरकार ने भी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एक अभियान चला रखा है। ये लोग देश और समाज को बांटना चाहते हैं। हमें इनसे सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि देश को विभाजनकारी ताकतों से बचाना होगा।

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