ओपन लर्निंग स्कूल के स्टूडेंट्स भी दे सकते हैं नीट की परीक्षा

0

नई दिल्ली। अगर आप ओपन लर्निंग स्कूल में पढ़ाई करके डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आप के लिए एक बड़ी खुशखबरी हैं। अब स्टूडेंट्स का डॉक्टर बनने का सपना जरुर पूरा हो पायेगा। बता दे दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई को आदेश दिया हैं कि वह नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) में ओपन स्कूल से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी बैठने दे।

डॉक्टर

इसके साथ ही कोर्ट ने सामान्य वर्ग के उन विद्यार्थियों को जो पच्चीस साल से ज्यादा उम्र के हैं उन्हें भी इस एग्जाम में बैठने कि अनुमति दे दी हैं। दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए कोर्ट ने इस मामले में कहा कि नीट का नतीजा अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।

याचिकाकर्ता के वकील अमित कुमार ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। पर अदालत ने आवेदक और उन सारे स्टूडेंट्स को नीट कि परीक्षा में बैठने की इजाजत दी है, जो ओपन स्कूल से 12वीं पास कर चुके हैं। खबरों कि माने तो हाई कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें बोर्ड के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को तय करने से जुड़े नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई थी।

बता दे इसमें टेस्ट के लिए अधिकतम उम्र सीमा, सामान्य वर्ग में 25 साल और आरक्षित वर्ग में 30 साल तय की गई है। इस याचिका में नोटिफिकेशन के उस प्रावधान को भी रद्द किए जाने की मांग की गई है जो ओपन स्कूल या प्राइवेट स्टडी करने वालों को इस टेस्ट में बैठने से रोकता है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने ओपन स्कूल या प्राइवेट स्कूलिंग के जरिए 12वीं क्लास तक की पढ़ाई पूरी की है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, वे नीट-यूजी में नहीं बैठ सकते। ऐसे में यह नोटिफिकेशन खारिज किया जाना चाहिए। नोटिफिकेशन खारिज होगा या नहीं हाई कोर्ट अब इस पर फैसला देगा, लेकिन अंतरिम आदेश के तहत याची और ऐसे अन्य विद्यार्थियों को पेपर में बैठने की इजाजत दे दी गई। ऐसे में नीट का रिजल्ट कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा। इससे पहले कोर्ट ने 11 अप्रैल के अपने आदेश में सीबीएसई से कहा था कि उन विद्यार्थियो के आवेदन न खारिज किए जाएं, जिन्होंने ओपन स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की है।

 

 

 

loading...
शेयर करें