कक्षाओं से गायब रहने वाले शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड करेंगे अब स्टूडेंट तैयार

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नई दिल्ली। विद्यालयों में क्लास न लेने वाले शिक्षको का अब रिपोर्ट कार्ड उनके स्टूडेंट्स तैयार करेंगे। जी हां अब कक्षाओं से गायब रहना टीचर्स को भारी पड़ सकता हैं क्योंकि अब विद्यार्थी शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में वाही टीचर्स पास होंगे जो कक्षाओं में मौजूद रहेंगे और ठीक तरह से क्लास लेकर पढ़ाएंगे। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए फीडबैक पोर्टल भी तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से विवि के विभिन्न कोर्सों के विद्यार्थियों से शिक्षकों का फीडबैक लिया जाएगा।स्टूडेंट्स

इस पोर्टल में टीचर के विषय में पूरी जानकारी स्टूडेंट दे सकेंगे। इसमें एक फॉर्म होगा जिसमें विद्यार्थी कोर्स और इयर भरने के बाद शिक्षक का नाम सिलेक्ट करेंगे। इसके बाद विभिन्न पैरामीटर पर उनकी रैंकिंग करेंगे। इस फीडबैक में जिनकी रैंकिंग लगातार खराब होगी उन पर कार्रवाई होगी।

आईटी के डीन करेंगे रिपोर्ट तैयार- विश्वविद्यालय स्तर पर इस पोर्टल को तैयार करने की जिम्मेदारी आईटी के डीन प्रो आरए खान को दी गई है। उन्होंने बताया इस पोर्टल को तैयार कर दिया गया है और इसे जल्द ही वेबसाइट पर ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसमें सभी विद्यार्थी फॉर्म भरेंगे। इसके बाद हर विभाग के डीन हर शिक्षक की परफॉर्मेंस का रिव्यू फीडबैक फॉर्म के आधार पर करेंगे। इसके बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर वीसी को भेजेंगे। ऐसे में जानबूझ कर भी अगर कुछ छात्र किसी शिक्षक के खिलाफ गलत रिपोर्ट करेंगे तो उसे नुकसान नहीं होगा क्योंकि डीन पहले उसका रिव्यू करेंगे।

रैंक देंगे स्टूडेंट्स- प्रो. खान ने बताया कि, इस फॉर्म में विवि ने लगभग 14 पाइंट शामिल किए हैं। इसमें क्लास में कितना आते हैं, मोड ऑफ टीचिंग, क्वॉलिटी ऑफ टीचिंग, व्यवहार, टीचिंग टेक्निक समेत अन्य पाइंट शामिल हैं। हर पाइंट के आगे, एक्सिलेट, वेरी गुड, गुड, ऐवरेज और पुअर का विकल्प होगा। बस इसे ही विद्यार्थियों को टिक करना होगा। इस फॉर्म को इतना सिंपल बनाया गया है कि पांच मिनट में विद्यार्थी इसे भर लें और उन्हें कोई दिक्कत न आए।

गुप्त रहेगी विद्यार्थियों की पहचान- इस पोर्टल पर विद्यार्थियों के लिए यह भी सुविधा रहेगी कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। जैसे ही फॉर्म सबमिट होहो जायेगा विद्यार्थी की पर्सनल डीटेल हाइड कर दी जाएगी और उसकी रेटिंग ही आगे जाएगी। ऐसे में कोई शिक्षक चाह कर भी ये पता नहीं कर सकेगा कि उसे किस छात्र ने क्या रेटिंग दी है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि विद्यार्थी निडर होकर सही रेटिंग दें जिससे विवि के शैक्षिक माहौल में सुधार किया जा सके।

विवि की रेटिंग में हो सकेगा सुधार- बीबीएयू के रेटिंग में लगातार गिरावट आती जा रही है। नैशनल इंस्टिट्यूशन फॉर रैंकिंग फ्रेमवर्क में दो साल पहले बीबीएयू टॉप 100 में था जबकि पिछले दो साल में वह बाहर ही हो गया है। वहीं अन्य रैंकिंग में भी गिरावट आ रही है। अब विवि को नैक मूल्यांकन भी कराना होगा। ऐसे में विवि का ए ग्रेड बना रहे और अन्य रैंकिंग में भी सुधार आ सके इसलिए पहले टीचिंग को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है।

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