राज्यसभा में हंगामा, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

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नई दिल्ली| संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में बुधवार को भी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), अन्नाद्रमुक (एआईडीएमके) और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बीच सदन में कोई कामकाज नहीं हुआ। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही हंगामे के कारण सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।

राज्यसभा में

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारे लगाए। दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तोदेपा और अन्नाद्रमुक के कुछ सदस्य हाथों में तख्तियां पकड़े हुए उपसभापति के आसन पास पहुंच गए।

उपसभापति पी.जे. कुरियन ने उत्तेजित सदस्यों से बार-बार अपनी सीटों पर वापस जाने के लिए कहा, लेकिन वे हंगामा कर रहते, जिसके बाद कुरियन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, सुबह तेदेपा, अन्नाद्रमुक और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर हंगामा किए जाने के चलते ऊपरी सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

जैसे ही शून्य काल शुरू हुआ तेदेपा और अन्नाद्रमुक के सदस्य सभापति के आसन के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। सभापति एम. वेंकैया नायडू ने उत्तेजित सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन विरोध कर रहे सांसदों पर उनके आग्रह का कोई असर नहीं हुआ। नायडू ने इसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन के सदस्यों ने जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और पूर्व सदस्य वी.पी.एम स्वामी के निधन पर शोक प्रकट किया।

सदन में उन जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई, जो मंगलवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हो गए। साथ ही तमिलनाडु में रविवार को जंगल में लगी आग में मारे गए ट्रैकर्स को भी श्रद्धांजलि दी गई।

तेदेपा और अन्य विपक्षी पार्टियों के सदस्यों ने पंजाब नेशनल बैंक घोटाला, कावेरी जल प्रंबधन बोर्ड के गठन और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने समेत कई मुद्दों पर हंगामा किया।

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