सिंह राशि : 2018 में धन लाभ के योग, 14 जनवरी से 12 फरवरी तक रहना होगा सचेत

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लखनऊ। सिंह राशिवाले जतकों के राशिस्वमी सूर्य वर्ष के आरम्भ में पँचम्भाव में गोचर करने से धन लाभ के योग बनेंगे। 14 जनवरी से 12 फरवरी तक सूर्य षष्ठम में हो जाने से थोड़ी विघ्न बाधाएं सकारात्मक कार्यों में रुकावट कर सकती है। पुनः 14 अप्रैल से 14 मई तक सूर्य उच्चस्थ होने के कारण सिंह राशि वालों को धन लाभ व पदोन्नति प्राप्त होने के आवास मिलेंगे। वर्ष के अंत तक मंगल व सूर्य के सम्मिलित प्रभाव के कारण कार्यों में बाधाएं व अतिरिक्त क्रोध व घरेलू उलझने बनी रह सकती है।
उपाय:- आप सर्वारिष्ट का 1100 पाठ करें या किसी सुयोग्य विप्र से करवायें।
जनवरी:- इस माह के आरम्भ में  सूर्य पंचमस्थ व शुक्र -शनी युक्त होने से धनार्जन व्यापर वृध्दि व भाग्योन्नति के विशेष अवसर मिलेंगे। किन्तु 14 जनवरी से धन का अपव्यय व कठिन परिश्रम से ही आय का निर्वहन हो सकेगा।
उपाय:- इस माह आप हर सोमवार को शिव परिवार की उपासना करें।
फरवरी:- इस माह आपको भाग दौड़ अधिक करनी पड़ सकती है । किसी नवीन कार्य का सम्पादन संभव है।  इस माह मासांत में स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव  व मन खिन्न रह सकता है। वाणी की कटुता बढ़ेगी।
उपाय:- इस माह भगवान सूर्य को अर्घ्य दें व गरीबों में मिष्ठान्न बाटें।
मार्च:- इस माह सूर्य की दृष्टि के कारण जतिन परिश्रम के पश्चात ही आय के कुछ साधन बनेंगे। धनागमन में अस्थायित्व रहेगा । पारिवारिक विवाद के नए नए उपक्रम देखने को मिल सकते है।14 मार्च के बाद सूर्य अष्टमस्थ रहने से व्यापार में अनिश्चितता बनी रहेगी।
उपाय:-इस माह प्रत्येक शुक्रवार वैभव लक्ष्मी का पूजन करें।
अप्रैल:- इस माह आपका स्वास्थ्य प्रभावित रह सकता है। घरेलू उलझने परेशानी दें सकती है। पिता को कष्ट व मन अशांत रह सकता है।14 अप्रैल से उच्चपद पर  आसीन व्यक्तियों से संपर्क हो सकता है। परिवार में मांगलिक कार्यों के होने की संभावना बन रही है।
उपाय:-इस माह आप नित्य 1 माला गायत्री मंत्र का जप करें।
मई:- इस माह सूर्य के उच्च होने व मंगल के सम दृष्टि के कारण जहाँ एक तरफ उत्साह व व्यापर में लाभ होगा वहीं दूसरी तरफ क्रोध में अतिरिक्त इजाफा हो सकता है।परिवारिक समरसता बढ़ेगी।
उपाय:-इस माह आप गुड़ चना बन्दरों को खिलावें।
जून:- इस माह उत्तरार्ध में सूर्य  के दशमस्थ होने के कारण सुख संसाधनों में वृद्धि होगी, व्यापार में इजाफा होगा सन्तान के पक्ष से यश मिल सकता है।
उपाय:-इस माह आप प्रत्येक रविवार को आदित्य ह्रदय स्त्रोत्र का पाठ करें।
जुलाई:– इस माह मंगल के वक्री होने से अधिक सिरदर्द  , रक्तविकार, पारिवारिक कलह व वाहन से हानि हो सकता है।  बने हुवे कार्यों में विघ्न व भाइयों से मतभ्रांत की संभावना है।
उपाय:-इस मा भगवान शिव को नित्य श्रीरामचरित्र मानस का एक पारायण पाठ सुनावें।
अगस्त:- इस माह पूर्वाध में  सूर्य – राहू द्वादश में व तथा उन पर मंगल की नीच दृष्टि होने से आय से अधिक खर्च व स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियों का सामना करनापड़ सकता है। किंतु 17 अगस्त से सूर्य की थोड़ी अनुकूल दृष्टि से  रुके हुवे कार्यों में प्रगति मिलेगी।
उपाय:- इस माह आप प्रेत्यक शनिवार श्री हनुमान चालीसा का 108 पाठ करें।
सितम्बर:- इस माह सूर्य स्वराशिगत होने के कारण बिगड़े कार्यों में सामान्य सफलता मिलेगी।व्यापर में सफलता व साझेदारों से लाभ व्यर्थ भाग दौड़ से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
उपाय:-इस माह आप गाय की यथा संभव सेवा करें व  हरी घास खिलावें।
अक्टूबर:- इस माह  आपकी सोची हुई कुछ चीजों ने सफलता की संभावना है किन्तु परिवार में माँगलिक कार्यों का संपादन अवश्य होगा।मासांत में अधिक खर्च हो सकता है।
उपाय:-इस माह आवलें के वृक्ष के नीचे नित्य घी के दीपक को प्रज्वलित करें।
नवम्बर:- इस माह आय के साधन सामान्यतः मिल सकते है ।अधिक परिश्रम से व्यापार में मध्यम लाभ की संभावना है तृतीयस्थ शुक्र वक्री होने से किसी निकट व्यक्ति द्वारा धोखा मिल सकता है।
उपाय:-इस माह आप नित्य भगवान बृहस्पति के बीज मंत्र का यथा सम्भव जप करें।
दिसम्बर:- इस माह आकस्मिक खर्च बढ़ने  का भय बना रहेगा। सप्तम  में मंगल पर शनि की दृष्टि के कारण व्यर्थ की भाग दौड़ भाई बन्धुओं से मतभेद  शारीरिक कष्ट व चोरादि जा भय बन सकता है।मासांत में सोची हुई योजनाओं में बाधा पड़ सकती है।
उपाय:- इस माह आप गणपतिअथर्वस्त्रोत का पाठ नित्य करें।
।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।ज्योतिर्विद व वास्तुविद।।
।।श्रीधाम श्री अयोध्या।।
संपर्क सूत्र-9044741252
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