सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर उठी उंगली, बुजुर्ग दंपत्ति ने जताया ऐतराज

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मुंबई। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक दूरगामी असर वाले फैसले में मरणासन्न व्यक्ति द्वारा इच्छा मृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत को गाइडलाइन्स के साथ कानूनी मान्यता दे दी है। कोर्ट के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया जा रहा और सब इस फैसले का स्वागत कर रहे है। लेकिन सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले मुंबई के एक बुजुर्ग दंपत्ति ने इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की है।

मुंबई के नारायण लावटे (87) और उनकी पत्नी इरावती (78) का कहना है कि 75 साल की उम्र पार कर चुके व्यक्ति को भी इच्छा मृत्यु मिलना चाहिए। सरकार को इस संबंध में भी कानून बनाना चाहिए।

आपको बता दे कि शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इच्छा मृत्यु वसीयत मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कानूनी मंजूरी दे दी। इच्छा मृत्यु वह स्थित होती है जब किसी व्यक्ति को मरणासन्न हालत में तकलीफ से बचाने के लिए उसका इलाज करना बंद कर दिया जाता है। ऐसा उस व्यक्ति की मर्जी से किया जाता है। संविधान पीठ ने इसके सुरक्षा उपायोंं के लिए गाइडलाइन जारी की है जो कि कानून बनने तक प्रभावी रहेगी।

सरकार के फैसले से नाखुश दंपत्ति दक्षिणी मुंबई के चारणी रोड स्थित ठाकुरद्वार में रहते हैं। इस बुजुर्ग दंपत्ति की कोई संतान नहीं है इन्हें ऐसा लगता है अब समाज में हमारी कोई जरुरत नहीं रह गई है। इसी वजह से ये दंपत्ति भी इच्छा मृत्यु की मांग कर रहा है। दरअसल नर्स अरुणा शानबाग की इच्छामृत्यु के लिए जब केईएम अस्पताल ने दया याचिका दायर की थी तब उसे पढ़कर इस दंपत्ति को भी इसका खायाक आया

21 दिसम्बर को इस दंपत्त जोड़े ने राष्ट्रपति को अपनी इच्छा मृत्यु के संबंध में ख़त लिखा था, उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में लिखा था कि हमारे बुढ़ापे को कोई सहारा नहीं है इसलिए हम अपनी मर्जी से मरना चाहते है। उन्होंने ख़त में 31 मार्च तक का जवाब भी मांगा, लेकिन दो महीने बीतने के बाद उन्हें इस बात का यकीन हो गया है कि सरकार ने उनकी बातों को गंम्भीरता से नहीं लिया। इसलिए अब ये भुजुर्ग जोड़ा आत्हत्या की योजना बना रहे है।

इस बुजुर्ग जोड़े ने बताया कि हमने संतान सिर्फ इसलिए पैदा नहीं की ताकि सामाज में आबादी और न बढ़े। नारायण कहते है, अब हम अपना खयाल रखने में भी असमर्थ है और न ही हमारा कोई साहारा है, अब ऐसी स्थिति में हम जिंदा रह कर क्या करेंगे। सरकार को इस संबंध में एक नीति के साथ आगे आना चाहिए।

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