2 फरवरी को कानपुर में होगा अंतराष्ट्रीय सूफी कान्फ्रेंस, देश- विदेश के आध्यात्मिक गुरु देंगे शांति का संदेश

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कानपुर। सूफीज्म अल्लाह से जुड़ने का एक बेहद आसान तरीका है। ये एक ऐसा रास्ता है जो सीधा अल्लाह तक ले जाता है। अगर आपको सूफिज्म में दिलचस्पी है तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। 2 फरवरी को कानपुर में अंतराष्ट्रीय सूफी कान्फ्रेंस होने जा रही है, जहां देश- विदेश के आध्यात्मिक गुरु एकत्रि होकर शांति और अमन का संदेश फैलाएंगे। इस कान्फ्रेंस का उद्देश्य सिर्फ आपसी भाईचारा को बढ़ावा देना है।

अंतराष्ट्रीय सूफी कान्फ्रेंस मदार साहब के उर्स के मौके पर आयोजित की गई है

इस अंतराष्ट्रीय सूफी कान्फ्रेंस में अमेरिका, अफगानिस्तान, जर्मनी जैसे देशों के आध्यात्मिक गुरू, इतिहासकार, शिक्षाविद् शामिल होंगे, जो दुनिया में बढ़ रही हिंसा और नफरत से निपटने का रास्ता बताएंगे। इस कान्फ्रेंस की एक खास बात और है कि ये किसी बड़े शहर में होने के बजाए कानपुर के एक छोटे से गांव मकनपुर (बिल्हौर) में आयोजित की जा रही है। इस गांव का भी एक इतिहास है, यहां हजरत बदीउद्दीन जिंदा शाह मदार की मजार है जिन्होंने हिन्दू- मुस्लिम एकता के लिए काम किया। ये कार्यक्रम मदार साहब के उर्स के मौके पर आयोजित किया गया है।

ये दिग्गज हस्तियां करेंगी शिरकत

अमेरिका से डॉ. केन रॉबिसन, बर्लिन जर्मनी से डॉ. उते फलाश, श्रीनगर, कश्मीर से डॉ. फारुक रेंजू, मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ. मजहर अब्बास नकवी, कोलकाता के डॉ. आनन्दा भट्टाचार्या, जोहांसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका से हसन मियां जेथाम, मकनपुर शरीफ के सैय्यद शजर अली मदारवी, विष्णु फाउंडेशन, चेन्नई के स्वामी हरी प्रसाद, दरगाह निजामुद्दीन, दिल्ली के सुफी अजमल निजामी, अफगानिस्तान के सूफी जरीफ चिश्ती समेत कई अन्य हस्तियां भी शिकरत करेंगी। इसके अलावा ईरान से गौस अली भी इस कान्फ्रेंस का हिस्सा बनेंगे। आपको बता दें, गौस अली को अरेबियन कैलीग्राफी में अंतरराष्ट्रीय पहचान हिसाल है और वो यहां अरेबियन कैलीग्राफी की प्रदर्शनी भी लगाएंगे।

आस्ताने आलिया मदारिया के सज्जादानशीन पीर-ए-तरीकत सैय्यद मजहर अली जाफरी ने बताया है कि अंतराष्ट्रीय सूफी कान्फ्रेंस का आयोजन 2 फरवरी को मकनपुर (बिल्हौर) तहसील असेंबली हॉल में होगा। आप सभी यहां आकर इस अद्भुत सम्मेलन का हिस्सा बन सकते हैं।

 

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