देश की इकलौती मुस्लिम पोल डांसर हैं आरिफा, नहीं पहनती हिजाब

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भारत देश में आज भी लड़कियों को लेकर पहले वाली सोच खत्म नहीं हुई है। समाज में लड़कियों पर कई तरह के रोक-टोक लगाए जाते हैं। लेकिन कोई अगर कुछ करने की ठान ले तो उसे रोकना नामुमकिन हो जाता है। ऐसा ही कुछ आरिफा ने किया और बन गई देश की एकमात्र मुस्लिम पोल डांसर। आरिफा के लिए पोल डांस का मतलब दिल खोल के उड़ना है।

आरिफा भिंडरवाला के देश की पहली मुस्लिम पोल डांसर के रूप में बनने के पीछे उनकी मां का बहुत बड़ा हाथ है। आरिफा इस समय मुंबई में लोगों को डांस सिखाती भी हैं। आरिफ के अनुसार पोल डांस महिलाओं को समाज की उन सीमाओँ को तोड़ना सिखाता हो जिनमें यह समाज महिलाओँ को बांधकर रखना चाहता है।

आरिफा की एक बहन भी है जो उनके साथ ही रहती है। उनकी बहन हिजाब पहनती है लेकिन आरिफा पोल डांस के चलते हिजाब नहीं पहनती हैं। आरिफा कहती हैं कि पोल डांस एक तरह से लड़कियों की आजादी का प्रतीक है। आरिफा पोल डांसर के क्षेत्र में आने और प्रसिद्ध होने से पहले डिप्रेशन से भी लड़ चुकी हैं। आरिफा को प्री मैनस्ट्रुअल डिप्रेशन नामक बीमारी हो चुकी थी।

आरिफा ने मुताबिक उनके पोल डांसर बनने के पीछे उनकी मां का बड़ा रोल है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मां न होती तो वो आज इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाती। आरिफा के अनुसार, जब वो डांस सिखाती हैं तो वो खुद को एक ऐसी मां को तौर पर देखती हैं जो कि अपने बच्चों को सही तरीके से जज नहीं करती हैं।

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