बीमारी से तंग आकर बेटे ने मां को छत से फेंका, दो महीने बाद एक गुमनाम चिट्ठी ने खोला सच

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राजकोट। मां और बच्चे का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल माना जाता है। लेकिन कलयुग ने इस रिश्ते पर भी अपनी छाप छोड़ दी है और इसे भी तार- तार कर दिया है। राजकोट के गांधीग्राम में रहने वाले एक शख्स ने अपनी मां को बिल्डिंग से सिर्फ इसलिए नीचे फेंक दिया क्योंकि उसे अपनी बीमार मां की देखभाल करनी पड़ती थी।

एक गुमनाम चिट्ठी की वजह से पुलिस ने दोबारा शुरु की जांच

ये मामला दो महीने पुराना है जिसका खुलासा अब हुआ है। दरअसल, गांधीग्राम के दर्शन एवेन्यू में रहने वाली जयश्रीबेन विनोदभाई नाथवानी की बिल्डिंग की छत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने इस घटना को आत्महत्या समझकर केस बंद कर दिया था। लेकिन वो कहते हैं न भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। हाल ही में पुलिस को एक गुमनाम चिट्टी मिली जिसके आधार पर पुलिस ने फिर से जांच शुरु की। जब पुलिस ने सोसायटी के सीसीटीवी खंगाले तो हैरान रह गए। जयश्रीबेन ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी हत्या हुई है और ये घिनौना काम किसी और ने नहीं बल्कि उनके बेटे संदीप ने किया है। बता दें, दो महीने पहले ब्रेन हैमरेज होने के बाद से महिला बिस्तर पर थी। प्रोफेसर बेटा लाचार मां की देखभाल और इलाज से आजिज आ चुका था।

सख्ती करने पर आरोपी बेटे ने अपना जुर्म कुबूला

सीसीटीवी फुटेज में संदीप अपनी बीमार को लिफ्ट से छत की ओर ले जा रहा है। पहले तो आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने सच उगला। पहले उसने बताया कि वह मां को पूजा के लिए लेकर गया था। इसके बाद जब पुलिस ने पूछा कि मां ने ढाई फुट ऊंची रेलिंग कैसे पार की, तो वह चुप हो गया। जब पुलिस ने सख्ती से पूछा तो उसने मां को छत से फेंकने की बात क़ुबूल कर ली। उसने कहा कि वो अपनी मां की बीमारी से परेशान था और उनकी देखभाल करते करते थक गया था इसलिए उसने ये कदम उठाया।

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