इस अंगूठी को करेंगे धारण तो बरसेगी मां लक्ष्‍मी की कृपा, बढ़ेगा आत्मविश्वास

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नई दिल्‍ली। ज़माना चाहें कितना भी बदल जाए या फैशनेबल हो जाए, लेकिन लोगों के मन से पूजा-पाठ और श्रध्दा का भाव सदैव ही रहता है। हिंदु धर्म में वास्तु शास्त्र को एक अहम स्थान दिया गया है। इसे मानते हुए आज भी बहुतेरे ऐसे लोग हैं जो ज्योतिष शास्त्र में दी गई सलाह के अनुासर हाथ में रत्नों वाली अंगूठी या फिर ब्रेसलेट में या गले की चेन में रत्नों को मढ़वाकर पहनते हैं। वहीं आजकल रत्‍नों के अलावा कई तरह की अंगूठियां भी लोगों के हाथों में देखी जाती हैं। इनमें से ही एक प्रमुख अंगूठी है ‘कछुए वाली अंगूठी’ जिसे अक्‍सर आपने लोगों को पहनते देखा होगा। आइए जानते हैं क्‍या है इस अंगूठी का महत्‍व –

कछुए वाली अंगूठी

वास्तुशास्त्र में शुभ मानी जाती है ‘कछुए वाली अंगूठी’

आपको बता दें कि वास्तुशास्त्र में ‘कछुए वाली अंगूठी’ को काफी शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह अंगूठी मनुष्‍य के जीवन के कई दोषों को शांत करने में सहायक होती है। इस अंगूठी को धारण करने से आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है। इसके अलावा शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि कछुआ जल में रहता है इसलिए इसे सकारात्मकता और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। वहीं कछुआ भगवान विष्णु का भी अवतार रहा है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा के अनुसार कछुआ समुद्र मंथन से उत्पन्न हुआ था और साथ ही देवी लक्ष्मी भी वहीं से आईं थीं।

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निरंतरता और समृद्धि का प्रतीक

यहीं वजह है कि वास्तुशास्त्र में ‘कछुए वाली अंगूठी’ का काफी महत्‍व है। साथ ही कछुए को मां लक्ष्मी के साथ जोड़कर धन बढ़ाने वाला भी माना गया है। इस लिए लोग इस अंगूठी को अपनी उंगली में धारण करते हैं। साथ ही यह जीव धैर्य, शांति, निरंतरता और समृद्धि का प्रतीक भी माना गया है।

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‘कछुए वाली अंगूठी’ से लाभ

शास्त्रों के मुताबिक, ‘कछुए वाली अंगूठी’ को मां लक्ष्मी के साथ जोड़ा गया है। वहीं मां लक्ष्‍मी को धन की देवी कहते हैं। इसलिए इस अंगूठी को धारण करने से धनलाभ भी होता है। लेकिन आप भी कछुए वाली अंगूठी पहनने का विचार बना रहे हैं तो पहले इससे जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में जरूर जान लें।

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चांदी से बनी हो अंगूठी

शास्त्रों के मुताबिक, ‘कछुए वाली अंगूठी’ पहनने के कई लाभ हैं। लेकिन इसे बनवाने से पहले ध्‍यान रखें कि यह अंगूठी चांदी से ही बनी हो। अगर आप कोई और रत्‍न भी प्रयोग करना चाहते हैं तो चांदी से कछुए का आकार बनवाकर उसके डिजाइन के रुप में अंदर किसी भी धातु का उपयोग कर सकते हैं।

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कैसे धारण करें ‘कछुए वाली अंगूठी’

‘कछुए वाली अंगूठी’ को धारण करने से पहले धन रखें कि कछुए का सिर वाला हिस्‍सा हमेशा पहनने वाले की तरफ आना चाहिए। यानी कि कछुए का मुंह अंदर की तरफ हो जिससे धन आए। यदि मुख बाहर की तरफ होगा तो धन आने की वजाए वापस हाथ से चला जाएगा।

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