आरएसएस के इस सर्वे ने बजाई बीजेपी के लिए खतरे की घंटी

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नई दिल्ली। साल 2014 से लगातार छोटे से लेकर बड़े चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी की नींद उड़ गई है। बीजेपी की रीढ़ की हड्डी माने जा रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने देशभर में एक सर्वे किया है, जिसके बाद बीजेपी की नींद उड़ गई है। मिली जानकारी के मुताबिक आरएसएस ने गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में एक गुप्त सर्वे किया है। इस सर्वे के आकड़ों ने बीजेपी के माथे पर शिकन की लकीरें पैदा कर दी है।

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हरियाणा

सर्वे के मुताबिक इन पांचों राज्यों की जनता राज्य सरकार के कामों से खुश नजर नहीं आ रही है। यहीं नहीं हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी और जीएसटी के फैसले से भी इन राज्यों की जनता खुश नहीं है। बता दें कि एक तरफ मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार राज्य में खुशहाली की बात कर रही है तो वहीं राज्य की जनता सरकार के कामकाज से नाराज है।

मध्यप्रदेश में सरकार से नाराजगी की सबसे बड़ी वजह व्यापमं घोटाला और मंदसौर में किसानों पर फायरिंग को बताया जा रहा है। यहां बीजेपी के लिए सबसे बड़ी झटके वाली बात ये भी है कि अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हार का सामना भी करना पड़ सकता है।

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दूसरी तरफ राजस्थान की वसुंधरा सरकार से राजपूत समाज नाराज नजर आ रहा है। दरअसल आनंदपाल एनकाउंटर केस को लेकर राज्य की 15 फीसदी राजपूत आबादी सरकार के खिलाफ खड़ी हो गई है। इसके चलते बीजेपी को विधानसभा चुनावों में एक बड़ा झटका लग सकता है। इसी के साथ इस सर्वे के मुताबिक किसानों की समस्या के कारण भी बीजेपी को राज्य में हार का स्वाद चखना पड़ सकता है।

वहीं अगर हरियाणा पर नजर डाले तो सर्वे के मुताबिक हाल ही में राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बरती गई ढ़ील की वजह से राज्य की जनता खट्टर सरकार के खिलाफ दिखाई दे रही है। इसी के साथ हरियाणा की 30 फीसदी जाट आबादी भी आरक्षण के चलते राज्य सरकार से नाराज बताई जा रही है। इसके अलावा राज्य के किसान भी राज्य सरकार के रवैये से खुश नजर नहीं आ रहे हैं।

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पिछले 14 सालों से छत्तीसगढ़ की सत्ता संभाल रहे रमन सिंह से पिछले एक साल में जनता ने दूरी बना ली है। राज्य में अपराधों में बढ़ोतरी को लेकर जनता ने सरकार से नाराजगी जताई है। इसी के साथ राज्य की जनता रमन सरकार के कामकाज से भी खुश नजर नहीं आ रही है। सर्वे की माने तो राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है।

वहीं गुजरात में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने है, लेकिन इससे ठीक पहले राज्य की जनता का सरकार के खिलाफ रुख आना बीजेपी के लिए चिंता का विषय बन गया है। लगभग 20 साल से राज्य की सत्ता पर काबिज बीजेपी के हाथों से पटेल समुदाय के 18 फीसदी वोट छिटक सकते है। इसी के साथ ही छोटे और मध्यम कारोबारी भी राज्य सरकार से नाराज दिखाई दे रहे हैं।

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बीजेपी सूत्रों की माने तो संघ का आंतरिक सर्वे पार्टी के लिए एक बड़े खतरे की घंटी से कम नही है। गुजरात में इस साल के अंत तक चुनाव होने हैं और अगर संघ के आंतरिक सर्वे को सच मान लिया जाए तो बीजेपी को आधी से ज्यादा सीटों पर नए उम्मीदवार उतारने पड़ सकते हैं।

(Note – ये खबर हमने www.asiafirstnews.com से ली है, इसे हमने अपने Copy Paste सेक्शन में लगाया है)

Source : (www.asiafirstnews.com से साभार)

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