यूपी बोर्ड परीक्षा : चार दिनों में दस लाख छात्रों ने छोड़ी परीक्षा

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लखनऊ। यूपी बोर्ड 2018 में एक नया रिकॉर्ड बन रहा है। वो रिकॉर्ड हां छात्रों द्वारा परीक्षा छोड़ने का। जी हां, चार दिनों में करीब दस लाख छात्र यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ चुके हैं। माना जा रहा है यूपी सरकार की सख्ती की वजह से छात्र परीक्षा छोड़ रहें हैं।

यूपी बोर्ड

जानकारी के मुताबिक, 6 फ़रवरी से अब तक कुल 10,44,619 परीक्षार्थियों ने बीच में ही परीक्षा छोड़ दी है। जिन जिलों में सबसे ज्यादा छात्रों ने परीक्षा छोड़ी है उनमे आजमगढ़, देवरिया, गाजीपुर, हरदोई शामिल हैं। इस बाबत जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल काफी सख्ती की वजह से नकल के भरोसे परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थी हताश हैं और वे परीक्षा बीच में ही छोड़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हर जिलों के केन्द्रों पर खुद डीएम निरिक्षण कर रहें हैं। साथ ही 8,549 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल कि तुलना में इस साल परीक्षा केन्द्रों की संख्या घटाई गयी है। यूपी बोर्ड की इस साल की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में 66,37,018 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।

सख्त है प्रशासन 

आपको बता दें कि सरकार ने यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर कई सख्त नियम बनाये हैं। कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। वहीँ डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा खुद हेलीकॉप्टर से कई जिलों में ऑचल निरिक्षण कर रहे हैं, जिसकी वजह से नकलविहीन परीक्षा कराने के सरकार के प्रयास को बल मिला है।

इस कड़ी में यूपी के मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा जौनपुर, हरदोई और गोंडा जिलों का औचक निरिक्षण कर चुके हैं। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस अभियान से नकलविहीन परीक्षा का माहौल बना है। यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा कि परीक्षा के दो दिन बीत चुके हैं। सभी जिलों से उत्साहजनक सूचनाएं आ रही हैं। नक़ल माफिया के हौसले पस्त हैं। एसटीएफ सक्रिय है। नक़ल की सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा को लेकर बड़ी तैयारी

आपको बता दें कि इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर के 66 लाख 37 हजार 18 परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। हाईस्कूल की परीक्षा में 36,55,691 व इंटरमीडिएट की परीक्षा में 29,81,387 परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। हाईस्कूल की परीक्षा 6 से 22 फरवरी तक होगी। इंटर की परीक्षाएं 6 से से शुरू होने के बाद 12 मार्च चक चलेंगी।

इस बार 8549 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड की सचिव दावा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचा दी गई हैं। सभी 75 जिलों में बोर्ड परीक्षा कराए जाने को लेकर कुल 8549 परीक्षा केंद्र हैं। बोर्ड की परीक्षा संपन्न कराने को तीन लाख से ज्यादा कक्ष निरीक्षक, 500 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वायड की तैनाती की गई है।

गौरतलब है कि इस बार अक्टूबर में ही यूपी बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया था। इसके बाद परीक्षा केंद्र निर्धारण तथा प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिका का काम कराया गया। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण इस बार ऑनलाइन किया गया है। सरकार ने हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी पहल की है।

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