सरकार से हताश ग्रामीणों ने भगवान से लगाई गुहार, सौपा ज्ञापन

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देहरादून। उत्तराखंड में एक बहुत ही अजोबोगरीब मामला सामने आया है। इस मामले में सरकार से हताश हो चुके ग्रामीणों ने बहुत ही दिलचस्प रास्ता निकाला है। जिसको सुनने के बाद आप को आश्यर्य भी होगा औऱ ग्रामीणों के दर्द का भी पता चलेगा।

यह मामला 29 साल पहले का है, जिसको लेकर ग्रामीणों को अभी तक हर सरकार से हताशा ही हाथ लगी है। यह मामला मोटर मार्ग निर्माण को लेकर है। इस मामले में 29 साल बाद भी जब ग्रामीणों को उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आई तो भगवान विश्वनाथ की शरण में जा पहुंचे।

उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक में चमियारी-उलण मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर इन ग्रामीणों ने भगवान को संबोधित ज्ञापन विश्वनाथ मंदिर के पुजारी को सौंपा। ग्रामीणों ने आक्रोश में विश्वनाथ चौक पर प्रशासन और लोनिवि के अधिकारियों का पुतला दहन भी किया। बता दें कि पोखरी गांव के ग्रामीणों ने भी पिछले दिनों इसी तरह भगवान विश्वनाथ को ज्ञापन सौंपा था।

जानें कुछ औऱ बाते इस मामले के बारे में

यह चमियारी-उलण बजियाड़ा मोटर मार्ग वर्ष 1989 में स्वीकृत हुआ था। इसको लेकर ग्रामीण 13 साल तक तो इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो वर्ष 2002 से उन्होंने इसके लिए आंदोलन शुरू कर दिया।

आपको बताते चले कि दो बुजुर्ग भी अन्य ग्रामीणों के साथ चमियारी गांव के पास पीपलखंडा में तंबू लगाकर क्रमिक अनशन कर रहे हैं। 83 वर्षीय शेर सिंह राणा के नेतृत्व में इन ग्रामीणों का दल जिला मुख्यालय उत्तरकाशी पहुंचा और वहां विश्वनाथ मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद ग्रामीणों ने भगवान विश्वनाथ को संबोधित ज्ञापन मंदिर के पुजारी को सौंपा।

ग्रामीणों ने एलान किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर पीजी कॉलेज उत्तरकाशी के विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सोनू सिंह, अभिषेक राणा, राजेंद्र राणा, राजेश राणा, सुंदर लाल मिश्रा, रामव्यास मिश्रा, भजन सिंह, पुष्पा देवी, सरिता देवी आदि मौजूद थे।

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