व्यापम विवाद : बीजेपी की बढ़ीं मुश्किलें, कांग्रेसी नेता के खिलाफ मानहानि का केस रद्द

0

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यहां के बीजेपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कांग्रेसी नेता केके मिश्रा के खिलाफ दायर किया गया मानहानि का केस कोर्ट ने रद्द कर दिया है। 2014 में कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने शिवराज सिंह व उनके परिवार के खिलाफ व्यापम घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद लोक अभियोजक ने मुख्यमंत्री की ओर से उन पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

ट्रायल कोर्ट के फैसले को भी किया निरस्त
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा रद्द करते हुए, ट्रायल कोर्ट के फैसले को भी निरस्त कर दिया। इससे पहले 17 नवंबर 2017 अपर सत्र न्यायाधीश ने मिश्रा को मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि, सजा के कुछ समय बाद ही केके मिश्रा को जमानत मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया था।

मिश्रा ने सीएम शिवराज की पत्नी साधना सिंह पर व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि साधना सिंह के मायके से 19 परिवहन निरीक्षकों की भर्ती हुई थी, इसके साथ ही सीएम हाउस से किसी महिला ने घोटाले के आरोपी नितिन महिंद्रा को 129 बार फोन किए थे।

loading...
शेयर करें