हरी धनिया से होने वाले इन हरे-भरे फायदों के बारे में क्या जानते हैं आप…!

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भारत के हर घर की रसोई में हरी धनिया रखी होती हैं। भारत समेत लगभग संपूर्ण विश्व में ये शौक से इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इसे इस्तेमाल करने से पूर्व इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि पत्तियां अच्छी तरह से साफ़ हो गयी हो वरना इसमें मिट्टी के कण लगे रह जाएंगे जो कई बीमारियों को न्योता दे सकते हैं।

भोजन में धनिया पत्ती का इस्तेमाल मुख्य रूप से खाने को सजाने के लिए किया जाता है। कुछ लोग इसका इस्तेमाल किसी दूसरी सब्जी के साथ मिलाकर सब्जी बनाने में भी करते हैं। धनिया की पत्ती को चटनी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। यूरोप और एशिया में पिछले सात हजार सालों से भोजन में इसके प्रयोग के प्रमाण मिलते हैं। इसमें लिपिड स्टार्च, पेक्टिन, पायननि, डिपेंटीन, अमीनो एसिड और सिटोस्टेरॉल्स भी पर्याप्त में पाए जाते है।

धनिया की पत्ती में होते हैं कई पोषक तत्व –

धनिया के बीज में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये डाइट्री फाइबर्स का भी एक प्रमुख सोर्स है।  इसके अलावा इसमें मैगनीज, आयरन, मैग्न‍िशियम भी भरपूर मात्रा में होता है।  ये विटामिन सी, विटामिन के और प्रोटीन का भी अच्छा सोर्स है।  इसमें बहुत कम मात्रा में कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, थायमिन और कैरोटीन भी पाया जाता है।

धनिया के पत्ते से होने वाले स्वास्थ्य लाभ-

हरी धनिया पाचन तंत्र के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।  ये लीवर की सक्रियता को बढ़ाने में मदद करता है।

-हरी धनिया स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले कोलेस्ट्रॉल को कम करने और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है।  ये ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने का काम करता है।

धनिया में anti-inflammatory गुण पाया जाता है।  जिसकी वजह से ये अर्थराइटिस में भी बहुत उपयोगी है होता है।

मुंह के घाव को ठीक करने में भी ये काफी कारगर होता है।  इसमें मौजूद एंटी-सेप्ट‍िक गुण मुंह के घाव को जल्दी भरने का काम करता है।

नर्वस सिस्टम को सक्रिय बनाए रखने में भी धनिया की पत्ती काफी फायदेमंद होती है।

त्वचा संबंधी कई रोगों जैसे पिंपल्स होने की समस्या, ब्लैकहेड्स और सूखी त्वचा में इसके इस्तेमाल से काफी फायदा होता है।

हरी धनिया को सुबह के वक्त पानी में उबालकर, छान लें।  इस पानी को सुबह खाली पेट पीने से पेट की पथरी यूरीन के माध्यम से निकल जाती है।

इसमें मिलने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स रेडिकल डैमेज में सुरक्षा प्रदान करने का काम करते हैं।

इसमें मौजूद विटामिन के अल्जाइमर की बीमारी में फायदेमंद होता है।

 

 

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