जानिए, क्या है ई – वे बिल, कैसे मिलेगी इसकी सुविधा

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अब ई – वे बिल मतलब इलेक्ट्रॉनिक बिल पूरे देश में मान्य होगा जिसके तहत ट्रांसपोर्टरों को एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने और ले जाने के लिए अलग-अलग मार्ग परमिट ( ट्रांजिट पास) की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये जानकारी जीएसटी नेटवर्क ने दी कि फरवरी महीने से ई – वे बिल पूरे देश में मान्य होगा।

क्या है ई – वे बिल

अगर किसी वस्तु का एक राज्य से दूसरे राज्य या फिर राज्य के भीतर मूवमेंट होता है तो सप्लायर को ई-वे बिल जनरेट करना होगा। अहम बात यह है कि सप्लायर के लिए यह बिल उन वस्तुओं के पारगमन (ट्रांजिट) के लिए भी बनाना जरूरी होगा जो जीएसटी के दायरे में नहीं आती हैं। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 50,000 रुपए से ज्यादा के माल को एक राज्य के अंदर 10 किलोमीटर से अधिक दूर या एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए जीएसटीएन नेटवर्क से इलेक्ट्रानिक परमिट ( ई-वे बिल ) की जरूरत होगी।

कहां से मिलेगी सुविधा

नई प्रणाली के माध्यम से पोर्टल, मोबाइल एप, संदेश तथा ऑफलाइन उपकरण (टूल) के माध्यम से ई-वे बिल हासिल करने की सुविधा होगी।

किन राज्यों में है सुविधा– जीएसटीएन ने बयान में कहा कि ई-वे बिल प्रणाली चार राज्यों- कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में शुरू हो चुकी है। ये राज्य कुल मिला कर प्रतिदिन करीब 1.4 लाख ई-वे बिल उत्पन्न कर रहे हैं।

 

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