विधानसभा और सीएम के घर के सामने आलू फेंकना विपक्ष की चाल, अखिलेश यादव के करीबी दो लोग गिरफ्तार!

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विधानसभा और सीएम हाउस के सामने आलू फेंकने के बाद हडकंप मच गया था।  कहा जा रहा था कि अपना विरोध जाताने के लिए किसानों ने आलू फेंका है। लेकिन इस मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि आलू फेंकने वाले किसान नहीं बल्कि सामाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता थे।

आपको बता दें कि इस मामले में एसएसपी लखनऊ ने लापरवाही बरतने पर एक दरोगा व चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। उन्होंने आलू फेंकने के पीछे साजिश की जांच कराने के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान कन्नौज से सपा के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है। सूत्रों की माने तो विधानसभा और सीएम हाउस केसामने आलू फेंकने की योजना अखिलेश यादव के दो करीबी नेताओं ने मिल कर बनाई थी। आलू फेंकने की घटना को योगी सरकार ने बदनाम करने की साजिश बताया था।

उल्लेखनीय है कि घटना गत 6 जनवरी की है। हाई सेक्योरिटी इलाके में छह जनवरी की सुबह आलू बिखरे हुए थे, आलू मेटाडोर में लदे थे। इस मेटाडोर में सवार लोगों ने 1090 चौराहे से 5 कालिदास मार्ग चौराहा, राजभवन, विधानभवन के सामने से एनेक्सी के पास तक आलू बिखेर दिए।

मिली जानकारी के मुताबिक ये सारे आलू कन्नौज के कोल्ड स्टोरेज से आठ गाड़ियों में भर कर लखनऊ लाया गया था।  यूपी पुलिस को अनुसार कन्नौज में समाजवादी पार्टी नेता कक्कू चौहान और एक महिला नेता के पति ने ये पूरी प्लानिंग की थी।  पांच जनवरी को सब लोग समाजवादी पार्टी के यूथ विंग के लखनऊ ऑफिस के पास जमा हुए थे।

इन लोगों ने पहले ही सारी प्लानिंग कर ली थी। कन्नौज के प्रदीप सिंह और अंकित सिंह को ये काम दिया गया।  सीसीटीवी कैमरों में गाड़ी और आलू फेंकने वालों की तस्वीरें पुलिस ने निकाल ली हैं। फिर गहन जांच के बाद इस शरारत को करने वाले लोगों का पर्दाफाश हो गया।

 

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