विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन, असाधारण बीमारी से थे पीड़ित

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नई दिल्ली। 76 साल के विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने आज यानि 14 मार्च को अंतिम सांस ली। स्टीफन हॉकिंग एम्योट्रोपिक लेट्रल स्क्लेरोसिस नामक न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारी से पीड़ित थे। उनकी मौत की जानकारी परिवार वालों ने दी है। हॉकिंग ने ब्लैक हॉल्स पर रिसर्च की है।

स्टीफन हॉकिंग

हॉकिंग के बेटे लकी, रॉबर्ट और टिम ने कहा कि हमें अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे प्यारे पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह अक महान वैज्ञानिक तो थे ही एक महान इंसान भी थे जिसने विज्ञान की दुनिया में इतना काम किया है जिसे दुनिया सदियों तक याद रखेगी। उनकी हिम्मत और खोज से पूरी दुनिया प्रभावित रही है।

स्टीफन हॉकिंग को अमेरिका के सबसे उच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनकी ब्रह्मांड के रहस्यों पर किताब ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी दुनिया भर में काफी मशहूर हुई थी। हॉकिंग मूल रूप से ब्रिटेन के रहने वाले थे। 21 साल की उम्र में हॉकिंग को ये असाधारण बीमारी के बारे में पता चला। अपनी सफलता का राज बताते हुए उन्होंने एक बार कहा था कि उनकी बीमारी ने उन्हें वैज्ञानिक बनाने में सबसे बड़ी भूमिका अदा की है। बीमारी से पहले वह अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे लेकिन बीमारी के दौरान उन्हें लगने लगा कि वे लंबे समय तक जिंदा नहीं रहेंगे तो उन्होंने अपना सारा ध्यान रिसर्च पर लगा दिया। इस बीमारी की वजह से सालों से हॉकिंग व्हीलचेयर पर ही रहते थे।

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