विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस : हमे घर घर से ए.पी.जे अब्दुल कलाम निकालना होगा

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सग़ीर ए ख़ाकसार/वरिष्ठ पत्रकार

सिद्धार्थ नगर। विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के मौके ओर ज़िले के चकचई स्थित रफी मेमोरियल इण्टर कालेज में अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक पिछड़ेपन का कारण एवं निवारण विषयक गोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सभी वक्ताओं ने देश, समाज,और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए शिक्षा को ज़रूरी बताया।

आम आदमी पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी क़ाज़ी इमरान लतीफ ने कहा कि मुस्लिमों में संसाधन की कोई कमी नहीं है। सिर्फ तालीम के महत्व को समझने की ज़रूरत है। तालीम के बगैर कुछ भी संभव नहीं है। श्री लतीफ ने कहा कि शिक्षा के साथ मुसलमानों को राजनीतिक रूप से भी जागरूक होना होगा। क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि शिक्षा सभी समस्याओं का हल है। सपा नेता अफसर रिज़वी ने कहा कि हमे ए.पी.जे अब्दुल कलाम से प्रेरणा लेनी चाहिए। हमे घर घर से कलाम निकालना होगा। तालीमी बेदारी के प्रदेश प्रभारी सग़ीर ए खाकसार ने कहा कि अल्पसंख्यकों का विकास इस लिए भी ज़रूरी है क्योंकि कोई भी देश अल्पसंख्यकों के पिछड़े होते हुए विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता है।

श्री ख़ाकसार ने कहा कि यह समय आत्मावलोकन का भी कि देश का अन्य अल्पसंख्यक समाज मुसलमानों से ज़्यादा विकसित क्यों हैं? चाहे जैन हों, ईसाई, या फिर सिख तुलनात्मक रूप से इनकी सामाजिक, आर्थिक, और शैक्षणिक स्थिति हम से काफी बेहतर है।

गोष्ठी को असरार फ़ारूक़ी, भीखुल्लाह सिद्दीकी, वीर बहादुर सिंह, इरफानुल्ला कासमी, जावेद हयात, मो0अकील अब्बासी, शमीम अख्तर, मौलाना निज़ाम अहमद मदनी, आदि ने भी संबोधित किया। सफल संचालन अहमद फरीद अब्बासी ने किया। तालीमी बेदारी इंडिया के तत्वाधान में आयोजित इस गोष्ठी में सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वाले इंजीनियर इरशाद अहमद खान, अफसर रिज़वी, क़ाज़ी सुहेल, डॉ वासिफ फ़ारूक़ी, अफजाल अहमद को महासचिव निहाल अहमद दुआरा सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर मुर्तज़ा खान, जमाल अहमद खान, क़ाज़ी फरीद, जी एच क़ादिर, आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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