आप नहीं आप की मानसिकता आपको बनाती है गलत

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आज हर इंसान दुनिया में परेशान है। सबके पास अपने अलग कारण है। कोई नौकरी को लेकर सर पटकता फिर रहा है तो कोई लड़की के चक्कर में। हर इंसान अपने जीने के तरीके खोज रहा है। ऐसा करना गलत भी नही है। अगर आप इस संसार में आए है तो जीवन को पूरा लुफ्त उठाए ऐसे मर मर के जीने का फायदा ही क्या है।

हम अपने आप को काफी हद तक समझाने में कामयाब हो जाते है। समस्या तब आती है जब हम अपनी समस्या का आकलन दूसरों की समस्याओं से करने लगते है। यह कहना बिल्कुल भी गलत नही है कि आज इंसान अपने दु:ख से ज्यादा दूसरे की खुशियों से परेशान है। शायद आप मन ही मन इस बात का विश्वास भी कर रहे होंगे, लेकिन जरा सोचिए अगर आप दूसरे की खुशियों को लेकर परेशान है तो ऐसा करने से उस शख्श का क्या नुक्शान हो रहा है। क्या आपके दु:खी होने से उसका बंगला बिक रहा है या फिर उसकी कार कहीं जा रही है।

अरे भाई स्थिति तो यह है कि उसका तो पता भी नहीं है कि कोई उसको लेकर सोच विचार भी कर रहा है। क्योकि उसके पास तो समय ही नही है तभी तो वही जीवन में इतना ज्यादा सफल है।

लेकिन अब वापस आते है अब हम आपसे पूछते है कि जब आप उसकी खुशियों को देखकर कोयले की लालिमा से ज्यादा लाल हो रहे थे। तब आपने ऐसा क्या किया, जिससे आपकी तरक्की या बरक्कत हुई हो। शायद आपको पास कोई जवाब नहीं होगा। भईया ऐसा कुछ है ही नहीं की तुमको दूसरों की आलोचना करने से कुछ मिल जाए।

अगर जीवन में आपको जरा सा भी सफल होने की ललक है तो बदलदे अपने जीनें के नजरियें को। दूसरो को देखे और चीजों का तोल मोल भी करें लेकिन सकारात्मक द्रष्टि से। देखें की वह सफलता की चोटी पर बैठा शख्स किन रास्तों से वहां पहुंचा है। ऐसा उसने क्या किया जो कि वो उस ऊचाई पर पहुंच गया। विश्वास मानिए ऐसे ऐसे जवाब आऐंगे की आप दुनिया की सारी मोह माया भूल जाएंगे। हम दूसरों की असफताओं का आकलन जल्दी करते है सफल इंसान को लेकर हमे ईष्या करने से ही फुरसत नहीं होती। एक बार अपने तरीकों को बदले अपने नजरियें को बदले। इसके बाद आपको ही नहीं पता चलेगा की आप कब बदल गए।

Himanshu Rawat

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