दुनिया के सबसे ताकतवर देश ने भी स्वीकारी योग की ताकत

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संयुक्त राष्ट्र| संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) समारोह में टिकटें जारी की गईं, जल पूजा और शांति के लिए ध्यान का आयोजन किया गया, जहां राष्ट्रीय, धर्म और नस्ल के मामले में दुनिया के सर्वाधिक विविधता से भरपूर जनसमूह उपस्थित था।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में ‘योग गुरु के साथ योग सत्र’ का आयोजन

तीसरे आईडीवाई के मौके पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘योग गुरु के साथ योग सत्र’ का आयोजन किया गया, जहां करीब 1,000 लोग मौजूद थे, जिनमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, उच्चाधिकारियों, संयुक्त राष्ट्र कर्मी और योग उत्साहियों ने भाग लिया।

इस वर्ष के आयोजन का खास पहलू भारत को सॉफ्ट पॉवर के रूप में पेश करनेवाला जल पूजा समारोह था, जिसका नेतृत्व ऋषिकेष के परमार्थ निकेतन आश्रम के स्वामी चिदानंद सरस्वतीजी और साध्वी भगवती सरवास्तीजी ने किया।

पानी को धरती का प्रतीक मानते हुए भागीदारों ने अपने हाथ आसमान की ओर उठाकर सभी के लिए स्वच्छ पानी की प्रार्थना की।

महासभा के अध्यक्ष पीटर थॉम्सन ने कहा कि योगाभ्यास ‘स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन’ का मूर्त रूप है और स्वस्थ जीवनशैली में इसकी भूमिका ने ही इसे संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी से जोड़ा है।

महासचिव की शेफ डी कैबिनेट, मारिया लूइजा रिबेरो ने कहा कि लाखों लोगों द्वारा योगाभ्यास टिकाऊं विकास और शांति में योगदान देगा।

चिदानंद सरस्वती ने योग प्रशिक्षकों और शिक्षकों को दुनिया को ‘हरित योग’ का संदेश देने का आह्वान किया और कहा कि विकास संबंधी समस्याओं का समाधान योग कर सकता है।

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