अक्षय तृतीया पर नहीं कर पाए खरीदारी तो मत हों परेशान, आज भी है मौका

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नई दिल्‍ली। हिंदू पंचांग में अक्षय तृतीया का काफी महत्‍व है। कहा जाता है कि इस दिन गंगा नदी पृथ्‍वी पर आई थीं। इसके अलावा और भी मान्‍यताएं हैं। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। खास बात यह है कि इस साल अक्षय तृतीया का पर्व दो दिन मनाया जाएगा।

अक्षय तृतीया का पर्व

उदया तिथि को लेकर मनाया जा रहा है दो दिन अक्षय तृतीया का पर्व

हिंदू धर्म में किसी भी पर्व को उदया ति‍थि से जोड़ा जाता है। वैसे उदया तिथि काफी महत्‍वपूर्ण मानी जाती है। इसी वजह से अक्षय तृतीया दो दिन मनाई जा रही है।

ज्‍यादातर लोग आज मना रहे यह पर्व

अक्षय तृतीया शुक्रवार को मनाई जा रही है लेकिन अगर सूर्योदय की तिथि के अनुसार देखेंगे तो 29 अप्रैल को इसका प्रभाव बना रहेगा। क्‍योंकि तृतीया 28 अप्रैल शुक्रवार सुबह 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी, जो 29 अप्रैल, शनिवार ‌को सुबह 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। इसका अर्थ है सूर्योदय की अनुसार देखा जाए तो शनिवार को इसका प्रभाव बना रहेगा। इसलिए दोनों ही दिन शुभ कार्यों के लिहाज से महत्तपूर्ण है।

क्‍यों महत्‍वपूर्ण है ये तिथि

अक्षय तृतीया को किया गया हर कार्य बहुत शुभ माना जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन जो कुछ भी दान किया जाता है उसका कई गुना लौटकर वापस आता है। इस दिन गंगा स्नान का भी बहुत महत्व है। भगवान विष्‍णु व माता लक्ष्मी की पूजा करने का प्रावधान है।

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