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अखिलेश को अब कौन सी मुसीबत देने वाले हैं अमिताभ ठाकुर

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लखनऊ। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने निलंबित किए जाने के मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अमिताभ ठाकुर को 13 जुलाई 2015 को निलंबित किया गया था। खुद को बहाल करने के लिए उन्होंने यूपी सरकार को पत्र भी लिखा था और कहा था कि उनके निलंबन की मियाद पूरी हो चुकी है। अब उन्हें बहाल किया जाना चाहिए। आईपीएस नियमावली का हवाला देकर अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि 90 दिन के भीतर निलंबन पर कोई सरकारी फैसला नहीं लिया जाता है तो उस निलंबन को स्वत: समाप्त माना जाएगा। उन्हें निलंबित हुए 150 दिन हो चुके हैं।

याचिका में नियमावली का जिक्र

हाईकोर्ट में दी गई याचिका में श्री ठाकुर ने कहा कि अखिल भारतीय सेवा अनुशासन और अपील नियमावली के नियम 3 के उपनियम 8 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निलंबन के 90 दिनों के अन्दर इसके सम्बन्ध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली रिव्यु कमिटी द्वारा पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। अन्यथा अफसर का निलंबन स्वत: ही समाप्त माना जाएगा।

निलंबन के 150 दिन

अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उनके निलंबन के 150 दिन हो गए हैं पर कानूनन उनके निलंबन के सम्बन्ध में कोई पुनर्विचार नहीं किया गया। न ही इसके लिए विभागीय जांच और आपराधिक मुकदमे के सम्बन्ध में प्रगति ज्ञात की गई। अत: उनका निलंबन कानूनन अवैध हो गया है। उन्होंने याचिका में कोर्ट से उन्हें 90 दिन पूरे होने के दिन से बहाल किये जाने की प्रार्थना की है।

मुलायम सिंह धमकी मामले के बाद हुए थे निलंबित

सनद रहे कि सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव धमकी मामले के बाद नागरिक सुरक्षा संगठन में आईजी अमिताभ ठाकुर को निलंबित कर दिया गया था। उनके खिलाफ गोमतीनगर थाने में एक महिला ने दुराचार का मुकदमा भी दर्ज कराया था। आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच भी चल रही है। अमिताभ ठाकुर ने खुद को बहाल किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की थी। दीपावली से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर खुद को बहाल करने की मांग उठाई थी। इस बीच अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने भाजपा में जाने का एलान भी कर दिया था।

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