सबसे ज्यादा तकलीफ नोट की माला पहनने वाली बुआजी को हो रही

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लखनऊ। नोट बैन पर देश भर से प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं।  वहीँ पोलिटिकल पार्टीज भी एक-दूसरे को लेकर निशाना साध रहीं हैं।  यूपी सीएम अखिलेश यादव ने भी इशारों-इशारों में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया पर तंज कसा है। सीएम ने अपने आवास से मैत्री कार रैली को रवाना किया। दिल्ली से बैंकॉक तक की इस कार रैली के आयोजन में तीन देशों के 63 प्रतिभागी शामिल हैं।

अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने तीन देशों के कार रैली को हरी झंडी दिखाई  

इसी दौरान नोटबंदी पर बात करते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि देश में हजार व पांच सौ रुपये का नोट बंद होने के कारण लोगों को तो तकलीफ हो रही है, लेकिन सबसे अधिक तकलीफ बुआजी (मायावती) को हो रही है।  

अखिलेश यादव ने कहा कि बुआजी को हजार रुपये के नोट की माला पहनने का बहुत शौक है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजार व पांच सौ रुपये का नोट बंद करके बुआजी के शौक पर अंकुश लगाने का काम किया है। यह ठीक नहीं है।

अखिलेश का मानना है कि देश में पांच सौ तथा हजार रुपये का नोट बंद होने से लोगों को तकलीफ है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार बेहद संजीदा है। हम लोग ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कैश वैन भेजने की व्यवस्था में लगे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो सरकार जनता को दु:ख देती है जनता उसको हटा देती है। अब रुपया न मिलने के कारण जनता तो दुखी है।

इससे पहले उन्होंने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग से तीन देशों के कार सवार लोगों की रैली को रवाना किया। इंडिया-म्यांमार-थाइलैंड फ्रेंडशिप कार रैली दिल्ली से बैंकाक के बीच आयोजित की गई है। इस रैली में तिन देशों के 63 प्रतिभागियों ने भाग लिया।  

ये प्रतिभागी 22 कार से कार से 5722 किलोमीटर की दूरी करेंगे। 15 नवंबर को शुरू हुई यह रैली दो दिसंबर को बैंकॉक में समाप्त होगी। रैली के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह दक्षिण पूर्व एशिया के तीन देशों को जोडऩे की पहल है। इसमें कार सवार भारत, म्यांमार व थाईलैंड को सड़क मार्ग से जोडऩे के प्रयास में हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की रैली से व्यापार, पर्यटन व मैत्री संबंधों को बढ़ावा मिलता है। लोगों को एक-दूसरे के खानपान के साथ रहन-सहन की जानकारी होती है। इस तरह की कार रैली से देशों के संबंध प्रगाढ़ होते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा कि कार रैली के जरिए देश तथा लोगों की दूरियां कम होती हैं।

 

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